Overseas Citizenship of India: जाने तू या जाने ना फिल्म से मशहूर हुए अभिनेता इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने एक नोटिस जारी किया है. इसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है. यह नोटिस मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में उनके शामिल होने के बाद आया है. इसने ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया कार्ड धारकों के अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
आपको बता दें कि इमरान खान अमेरिका के नागरिक हैं और उनके पास ओसीआई कार्ड है. भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है इस वजह से ओसीआई कार्डधारक विदेशी नागरिक ही माने जाते हैं, फिर भले ही उन्हें भारत में रहने के दौरान कुछ खास सुविधाएं मिलती हों. आइए जानते हैं कि आखिर ओसीआई कार्डधारक को क्या सुविधा मिलती है.
ओसीआई कार्ड से क्या-क्या सुविधा मिलती है?
ओसीआई कार्डधारकों को भारत के लिए जीवन भर का मल्टीप्ल एंट्री वीजा मिल जाता है. उन्हें बार-बार वीजा के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होती और वे जितनी बार चाहें भारत आ जा सकते हैं. उन्हें स्थानीय पुलिस या फिर एफआरआरओ के पास पंजीकरण कराने से भी छूट मिलती है, भले ही वे भारत में लंबे समय तक क्यों ना रहें.
वित्तीय, आर्थिक और शैक्षिक मामलों में ओसीआई कार्डधारकों को अनिवासी भारतीयों के बराबर का दर्जा मिलता है. घरेलू हवाई यात्रा, राष्ट्रीय उद्यानों, स्मारकों और संग्रहालय में जाने के लिए उनसे वही शुल्क लिया जाता है जो भारतीय नागरिकों से लिया जाता है. इस सुविधाओं की मदद से भारतीय मूल के विदेशी नागरिक भारत के साथ अपने व्यक्तिगत, शैक्षिक और आर्थिक संबंध आसानी से बनाए रख सकते हैं.
राजनीतिक अधिकारों पर पाबंदी
ओसीआई का दर्ज होने का मतलब या नहीं होता कि व्यक्ति को भारतीय नागरिकता या फिर राजनीतिक अधिकार मिल गए हैं. कार्डधारक भारत के चुनावों में वोट नहीं डाल सकते और ना ही संसद या फिर विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. वे राष्ट्रपति या फिर उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पदों पर नहीं रह सकते और ना ही सुप्रीम कोर्ट या फिर हाई कोर्ट में जज बन सकते हैं. आमतौर पर उन्हें सरकारी नौकरी भी नहीं मिल सकती.
इन पाबंदियों की वजह से ओसीआई कार्डधारकों को मिलने वाली सुविधाएं, भारतीय नागरिकों को प्राप्त अधिकारों से अलग हो जाती हैं. इस वजह से ओसीआई कार्डधारक होने का मतलब यह नहीं होता कि कोई व्यक्ति उन गतिविधियों में शामिल हो सकता है जो सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए हैं.
ऐसी गतिविधियां जिनके लिए खास अनुमति की जरूरत
गृह मंत्रालय के नियमों के मुताबिक ओसीआई कार्डधारकों को कुछ खास गतिविधियों के लिए सरकार से खास अनुमति लेनी पड़ती है. इनमें पत्रकारिता, शोध, मिशनरी कार्य, धार्मिक प्रचार, पर्वतारोहण और प्रतिबंधित या फिर संरक्षित क्षेत्रों की यात्रा शामिल हैं. इसी के साथ उन्हें भारत में कृषि भूमि, फार्म हाउस या फिर बागान वाली संपत्ति खरीदने की भी अनुमति नहीं है.
ये प्रतिबंध उस कार्ड से मिलने वाले फायदे के साथ-साथ लागू होते हैं. इस वजह से ओसीआई कार्डधारकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी गतिविधि ऐसी श्रेणी में तो नहीं आती जिसके लिए पहले से अनुमति लेनी जरूरी हो.
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इमरान खान को नोटिस क्यों मिला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नोटिस मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शन में इमरान खान की भागीदारी से जुड़ा है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने का अधिकार मुख्य रूप से भारतीय नागरिकों को मिला है ना कि विदेशी नागरिकों को. जब अधिकारी किसी ओसीआई कार्डधारकों से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों की जांच करते हैं तो यह अंतर काफी जरूरी हो जाता है.
नागरिकता अधिनियम की धारा 7D के तहत सरकार कुछ खास परिस्थितियों में ओसीआई पंजीकरण रद्द कर सकती है. इसमें वे मामले शामिल है जहां कार्डधारक भारतीय कानून का उल्लंघन करते हैं या फिर सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ काम करते हैं. फॉरेनर्स एक्ट के तहत अधिकारी किसी विदेशी नागरिक को भारत छोड़ने का आदेश भी दे सकते हैं.
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