Mukesh Ambani Wealth: वैश्विक अनिश्चितता, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चिंताओं के बीच पूरे भारत में सोने की कीमतों पर चर्चा जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में मदद के लिए एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है. इसी बीच आइए जानते हैं कि मुकेश अंबानी के पास कितनी दौलत है और उस दौलत से वह कितने सोना खरीद सकते हैं.

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मुकेश अंबानी की दौलत 

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति लगभग 95.2 बिलियन डॉलर से 95.8 बिलियन डॉलर के बीच है. भारतीय मुद्रा में यह लगभग 8 लाख करोड़ से 9.8 लाख करोड़ के बराबर है.  रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन के तौर पर अंबानी न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया भर में सबसे अमीर लोगों में से एक बने हुए हैं. उनकी दौलत दूरसंचार, खुदरा, पेट्रोकेमिकल, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल सेवा और बुनियादी ढांचे में फैली हुई है. 

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सोने की कीमतें 

फिलहाल भारत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास चल रही हैं. मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,52,130 प्रति 10 ग्राम है. यानी कि 1 किलो सोने की कीमत लगभग ₹1.52 करोड़ है. इसी के साथ एक क्विंटल की कीमत लगभग ₹15.21 करोड़ है. 

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अंबानी सैकड़ों टन सोना खरीद सकते हैं

अगर मुकेश अंबानी अपनी पूरी संपत्ति का पूरा इस्तेमाल सोना खरीदने में करें तो वह लगभग 6,44,000 किलोग्राम सोना खरीद सकते हैं. यह लगभग 644 मेट्रिक टन के बराबर है. आसान शब्दों में कहें तो यह मात्रा इतनी बड़ी है कि यह दुनिया भर के कई देशों द्वारा रखे गए सरकारी सोने के भंडार को भी टक्कर देती है.

भारत के सोने के भंडार से तुलना 

जब भारत के आधिकारिक भंडार से इसकी तुलना की जाती है तो यह तुलना और भी ज्यादा चौंकाने वाली हो जाती है. भारतीय रिजर्व बैंक के पास अपने रिजर्व में लगभग 879.58  मीट्रिक टन सोना होने की खबर है. इसका मतलब है कि मुकेश अंबानी की निजी संपत्ति से ही भारत के कुल सोने के भंडार के एक काफी बड़े हिस्से के बराबर सोना खरीदा जा सकता है.

आर्थिक अनिश्चितता के वक्त सोने को सबसे सुरक्षित संपत्तियों में से एक माना जाता रहा है. दुनिया भर के निवेशक, सरकारें और केंद्रीय बैंक महंगाई, युद्ध, मंदी या वित्तीय अस्थिरता के समय सोने की तरफ रुख करते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यह धातु लंबे समय तक अपनी कीमत बनाए रखती है.

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