देश में हाल ही में सामने आए इंडिगो संकट के बाद केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर में कंपटीशन बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसी क्रम में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तीन नई एयरलाइन को विमान परिचालन की मंजूरी देते हुए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी किया है. इनमें केरल आधारित अल हिंद एयरलाइन का नाम खास तौर पर चर्चा में हैएयरलाइन को मंजूरी मिलने के बाद उसके मालिक और उनके कारोबार को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अल हिंद एयरलाइन के मालिक के पास कितना पैसा है और उनकी नेटवर्थ कितनी है.

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केरल से उड़ान भरने की तैयारी में अल हिंद एयरलाइन

अल हिंद का हेड ऑफिस केरल के कालीकट में है. यह एयरलाइन शुरुआती दौर में क्षेत्रीय कंप्यूटर एयरलाइन के रूप में काम करेगी. कंपनी की योजना पहले घरेलू रूट पर उड़ानें शुरू करने की है, जिसके लिए ATR 72-600 विमान बेड़े में शामिल किए जाएंगे. इसके बाद धीरे-धीरे इंटरनेशनल उड़ानों का विस्तार किया जाएगा. एयरलाइन का ऑपरेशन बेस कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा, जहां कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के साथ सहयोग किया जा रहा है. वहीं शुरुआती फोकस केरल और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर रहेगा.

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कौन है अल हिंद एयरलाइन के मालिक?

अल हिंद और को प्रमोट करने वाली कंपनी अल हिंद ग्रुप है. जिसकी कमान टी. मोहम्मद हारिस के हाथों में है. वह ग्रुप के प्रमोटर और निदेशक है और ट्रैवल व टूरिज्म इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस रखते हैं. मोहम्मद हारिस का जन्म केरल के कालीकट में हुआ था, उन्होंने हिस्ट्री और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन के साथ फार्मोकोलॉजी की पढ़ाई की. मोहम्मद हारिस की खाड़ी देशों के लिए यात्रा सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत पकड़ मानी जाती है.

अल हिंद ग्रुप का कारोबार और अनुमानित नेटवर्थ

अल हिंद ग्रुप का कारोबार मुख्य रूप से एयर टिकटिंगटूर एंड ट्रेवल्स, होटल और चार्टर सर्विसेज पर आधारित है. रिपोर्ट्स के अनुसार ग्रुप का एयर टिकटिंग बिजनेस ही हर महीने सैकड़ों करोड़ रुपये का बताया जाता है. वहीं पूरे समूह का टर्नओवर करीब 20,000 करोड़ रुपये के आसपास आपका जाता है. इस बड़े कारोबार के चलते अल हिंद के मलिक मोहम्मद हारिस को देश के प्रभावशाली ट्रैवल बिजनेसमैन में गिना जाता है. उनकी व्यक्तिगत नेटवर्थ को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है, लेकिन ग्रुप के आकार और टर्नओवर को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि उनकी संपत्ति हजारों करोड़ में हो सकती है.

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