Forex Reserves: विदेशी मुद्रा भंडार को किसी देश की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक वित्तीय झटकों से निपटने की उसकी क्षमता का सबसे मजबूत संकेतक माना जाता है. इन भंडारों की मदद से देश को इंपोर्ट को मैनेज करने, अपनी मुद्राओं को स्थिर करने, विदेशी कर्ज को चुकाने और आर्थिक संकटों का सामने करने में काफी मदद मिलती है. आइए जानते हैं कि भारत के कौन से पड़ोसी देश का विदेशी मुद्रा भंडार सबसे ज्यादा है.

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विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे ऊपर कौन? 

चीन के पास वर्तमान में लगभग 3.44 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है. इसी के साथ यह दुनिया का सबसे बड़ा रिजर्व रखने वाला देश बन जाता है. देश के बड़े निर्यात क्षेत्र, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस और लगातार व्यापार अधिशेष ने इसे इस भंडार को जमा करने में मदद की है. चीन का रिजर्व भारत की तुलना में 5 गुना ज्यादा है और किसी भी दूसरे पड़ोसी देश की तुलना में काफी ज्यादा है.

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भारत की मजबूत वैश्विक स्थिति 

जून 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 671.62 बिलियन डॉलर है. वैश्विक बाजार की अस्थिरता और सोने की कीमतों में बदलावों की वजह से उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत का रिजर्व इतना मजबूत है कि यह 11 महीनों से ज्यादा के इंपोर्ट को कवर कर सकता है. यह बाहरी आर्थिक झटकों से महत्वपूर्ण सुरक्षा देता है और भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास मजबूत करता है. 

बांग्लादेश में सुधार के संकेत 

बांग्लादेश के पास फिलहाल लगभग 35.63 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है. अभी तक कुछ सालों में अपनी मुद्रा और इंपोर्ट भुगतान पर दबाव का सामना करने के बाद बांग्लादेश ने विदेशों में काम करने वाले श्रमिकों द्वारा भेजे गए धन, निर्यात से होने वाली कमाई और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से वित्तीय सहायता की वजह से धीरे-धीरे सुधार देखा है.

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पाकिस्तान के रिजर्व में भी सुधार 

पाकिस्तान का कुल विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 22.74 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से समर्थन, मित्र देशों से वित्तीय सहायता और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की कोशिशें के बाद देश की रिजर्व स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है. खबरों के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास इस रिजर्व का लगभग 17.22 बिलियन डॉलर हिस्सा है.

चीन की बढ़त बेजोड़ 

चीन और इस क्षेत्र के बाकी देशों के बीच का अंतर काफी ज्यादा है. जिस तरफ भारत की स्थिति वैश्विक स्तर पर मजबूत है वहीं दूसरी तरफ चीन का रिजर्व भंडार अपनी एक्सपोर्ट आधारित अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा की बाहरी कमाई की वजह से सबसे आगे है. इसी के साथ आर्थिक मुश्किलों के बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों में सुधार के संकेत देखने को मिले हैं. हालांकि उनका रिजर्व स्तर चीन और भारत की तुलना में अभी भी काफी कम है.

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