Vande Bharat Sleeper Express: भारतीय रेलवे वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. पारंपरिक लंबी दूरी की ट्रेनों के उलट इस सर्विस में आरएसी या आंशिक रूप से कंफर्म टिकट की अनुमति नहीं होगी. एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और अपग्रेड इंटीरियर के साथ यात्रियों का एक सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस ट्रेन का प्रति किलोमीटर किराया कितना होगा और यह राजधानी और शताब्दी ट्रेनों से कितना महंगा या फिर सस्ता होगा. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

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वंदे भारत स्लीपर का प्रति किलोमीटर किराया 

जनवरी 2026 में अपडेट किए गए रेलवे बोर्ड के किराया ढांचे के मुताबिक वंदे भारत स्लीपर का किराया बाकी प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में ज्यादा रखा गया है. AC 3-टियर के लिए आपको 2.4 रुपये प्रति किलोमीटर देने होंगे. AC 2-टियर का किराया लगभग 3.10 रुपये प्रति किलोमीटर होगा. वहीं AC फर्स्ट क्लास चुनने वालों के लिए यह किराया 3.80 रुपये प्रति किलोमीटर हो जाएगा. यह बस एक बेस किराया है और इसमें जीएसटी और कैटरिंग जैसे अतिरिक्त शुल्क भी जुड़ेंगे. 

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क्या है न्यूनतम दूरी का नियम 

वंदे भारत स्लीपर की सबसे जरूरी कीमत शर्तों में से एक 400 किलोमीटर के लिए अनिवार्य न्यूनतम किराया है. भले ही कोई यात्री कम दूरी की यात्रा करें टिकट की कीमत की गणना ऐसे की जाएगी जैसे उसने 400 किलोमीटर की ही यात्रा की हो. जैसे एक 3AC यात्री को कम दूरी की यात्रा के लिए भी लगभग ₹960 का ही भुगतान करना होगा. इस नियम से साफ पता चलता है कि यह ट्रेन मुख्य रूप से छोटी दूरी के बजाय लंबी दूरी की ओवरनाइट यात्रा के लिए डिजाइन की गई है.

राजधानी एक्सप्रेस से किराए की तुलना 

राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत स्लीपर लगभग 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा महंगी है. राजधानी का औसत थर्ड एसी किराया 2.10 से 2.15 रुपये प्रति किलोमीटर के बीच है. वहीं अगर वंदे भारत स्लीपर की बात करें तो वह 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर चार्ज करती है. लंबी दूरी पर यह अंतर वंदे भारत टिकट पर ₹300 से ₹600 ज्यादा हो सकता है. AC 2 और AC 1 में भी इसी तरह का किराए का अंतर देखा जाता है.

इसी के साथ अगर शताब्दी एक्सप्रेस की बात करें तो उसमें मुख्य रूप से चेयर कार्ड सेटिंग होती है और इसमें स्लीपर कोच नहीं होता. फिर भी वंदे भारत चेयर कार का किराया शताब्दी के किराए से लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा है.

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