Iran US Tension: ईरान से भारत आने के कितने रास्ते, इनमें सबसे सस्ता और सबसे महंगा कौन?
Iran US Tension: ईरान में बढ़ते तनाव की वजह से इंडियन एंबेसी ने भारतीयों को तुरंत ईरान छोड़ देने की सलाह दी है. चलिए जानें कि ईरान से भारत आने के लिए कितने रास्ते हैं और सबसे सस्ता व महंगा कौन सा है.

Iran US Tension: ईरान में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने हालिया एडवाइजरी में सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है. यह सलाह 5 जनवरी 2026 और 14 जनवरी 2026 को जारी पूर्व निर्देशों की पुनरावृत्ति है, लेकिन अब स्थिति को ज्यादा गंभीर बताया गया है. दूतावास ने कहा है कि छात्र, पर्यटक, तीर्थयात्री और व्यापारी सभी कमर्शियल फ्लाइट्स समेत उपलब्ध साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द भारत लौट आएं. इसी क्रम में यह जान लेना बहुत जरूरी है कि ईरान से भारत आने के कितने रास्ते हैं और इनमें सबसे महंगा कौन सा है और सबसे सस्ता कौन सा है. आइए समझें.
सबसे तेज और लोकप्रिय रास्ता
ईरान से भारत आने का सबसे आसान और तेज तरीका हवाई यात्रा है. सामान्य हालात में Mahan Air तेहरान के इमाम खुमैनी एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें संचालित करती है. ये उड़ानें आमतौर पर सप्ताह में दो दिन चलती रही हैं. सीधी फ्लाइट का समय लगभग 3 से 4 घंटे का होता है, जो सबसे कम समय लेने वाला विकल्प है. अगर सीधी उड़ान उपलब्ध न हो, तो यात्री कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेते हैं.
अन्य विकल्प
सीधी उड़ानें रद्द होने या सीटें फुल होने पर लोग दुबई, मस्कट या दोहा के रास्ते भारत पहुंचते हैं. SalamAir जैसी एयरलाइंस तेहरान से ओमान के रास्ते मुंबई या दिल्ली के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट देती हैं. ऐसी फ्लाइट्स का एकतरफा किराया सामान्य समय में करीब 11,000 से 16,000 रुपये के बीच मिल सकता है. हालांकि तनाव या आपात स्थिति में किराया तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए अभी यह किराया ज्यादा होने की संभावना है. कनेक्टिंग फ्लाइट में कुल यात्रा समय लेओवर के कारण 6 से 10 घंटे तक हो सकता है.
सबसे सस्ता रास्ता कौन सा?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सामान्य हालात में कनेक्टिंग फ्लाइट्स, खासकर सलाम एयर या अन्य लो-कॉस्ट एयरलाइंस के जरिए सबसे सस्ता विकल्प साबित होती हैं. तेहरान से मुंबई या दिल्ली के लिए 11,000 से 13,000 रुपये तक टिकट मिल जाना संभव है, बशर्ते बुकिंग समय पर की जाए और सीट उपलब्ध हो, इसलिए मौजूदा हालात में हवाई मार्ग ही सबसे सस्ता और तेज विकल्प माना जा रहा है.
समुद्री मार्ग- सुरक्षित लेकिन समय ज्यादा
अगर किसी कारण हवाई क्षेत्र बंद हो जाए, तो समुद्री मार्ग बड़ा विकल्प बन सकता है. ईरान के बंदर अब्बास या चाबहार पोर्ट से भारत के मुंबई या नावा शेवा बंदरगाह तक जहाज के जरिए पहुंचा जा सकता है. हालांकि यह यात्रा कई दिनों की होती है और आम नागरिकों के लिए नियमित पैसेंजर सेवा सीमित है. आपात स्थिति में भारत सरकार नौसेना के जहाजों के जरिए निकासी अभियान भी चला सकती है, जैसा पहले अन्य देशों में हुआ है.
सबसे महंगा रास्ता कौन सा?
तनावपूर्ण हालात में सबसे महंगा विकल्प लंबी कनेक्टिंग फ्लाइट्स बन जाती हैं. उदाहरण के लिए, ईरान के शिराज से दुबई या मस्कट होते हुए कोच्चि या अहमदाबाद पहुंचने वाली उड़ानें 35,000 से 45,000 रुपये तक जा सकती हैं. लंबा लेओवर, सीमित सीटें और अचानक बढ़ी मांग किराया कई गुना बढ़ा देती है. ऐसे में मल्टी-स्टॉप रूट या अंतिम समय की बुकिंग सबसे ज्यादा महंगी साबित होती है.
ऐसी परिस्थिति में कौन सा रास्ता चुनें?
मौजूदा हालात में हवाई मार्ग सबसे व्यावहारिक और तेज विकल्प है. यदि सीधी फ्लाइट मिलती है तो वह सबसे आरामदायक है, लेकिन सस्ती टिकट के लिहाज से कनेक्टिंग फ्लाइट बेहतर मानी जा रही है. समुद्री मार्ग सुरक्षित तो है, पर समय ज्यादा लेता है और सामान्य परिस्थितियों में यह नियमित यात्री विकल्प नहीं है.
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Source: IOCL



























