Ice Melting In Space: अंतरिक्ष में बर्फ का व्यवहार पृथ्वी पर हमारे देखे गए व्यवहार से काफी अलग होता है. पृथ्वी पर बर्फ धीरे-धीरे पिघल कर तरल पानी में बदल जाती है और फिर भाप बनकर उड़ जाती है. हालांकि बाहरी अंतरिक्ष में वायुमंडलीय दबाव की गैर मौजूदगी की वजह से यह प्रक्रिया काफी ज्यादा अलग हो जाती है. अंतरिक्ष में बर्फ आमतौर पर पिघल कर पानी नहीं बनती इसके बजाय यह सीधे ठोस से गैस में बदल जाती है. इस प्रक्रिया को सब्लीमेशन कहा जाता है.
अंतरिक्ष में बर्फ का पिघलना
अंतरिक्ष में बर्फ के अलग तरह से व्यवहार करने के पीछे की मुख्य वजह वायुमंडलीय दबाव की कमी है. पृथ्वी पर हवा का दबाव पानी को तरल रूप में रहने देता है. इस वजह से बर्फ भाप बनने से पहले पिघलती है. लेकिन अंतरिक्ष के वैक्यूम में लगभग कोई भी दबाव नहीं होता. इसी वजह से बर्फ तरल रूप में नहीं रह पाती. जब सूरज की रोशनी बर्फ को गर्म करती है तो उसके अणु सीधे भाप बनकर उड़ जाते हैं. ठोस से गैस में बदलने की इस धीमी प्रक्रिया को ही सब्लीमेशन कहा जाता है.
सीधी धूप में बर्फ तेजी से गायब हो सकती है
यदि बर्फ का कोई छोटा सा टुकड़ा पृथ्वी की कक्षा में रखा जाए और उस पर सीधी धूप पड़े तो वह कुछ ही घंटे में पूरी तरह से गायब हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि सूरज की रेडिएशन सीधे बर्फ के अणुओं को गर्म करती है. तापमान को नियंत्रित करने या फिर इस प्रक्रिया को धीमा करने के लिए कोई वायुमंडल ना होने की वजह से सूरज की रोशनी से मिलने वाली ऊर्जा बर्फ को तेजी से सब्लीमेशन की प्रक्रिया के जरिए भाप में बदल देती है.
लाखों सालों तक बनी रह सकती है बर्फ
अंधेरे में इसका ठीक उल्टा प्रभाव देखने को मिलता है. गहरे अंतरिक्ष में या फिर किसी ग्रह की छाया में तापमान गिरकर लगभग - 270 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. यह परम शून्य के काफी करीब होता है. इतनी ज्यादा ठंड में बर्फ को लगभग कोई ऊर्जा नहीं मिल पाती. अब क्योंकि वहां गर्मी को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने के लिए हवा भी मौजूद नहीं होती इस वजह से बर्फ लाखों या अरबों सालों तक जमी रह सकती है.
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर बर्फ का पिघलना
दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर किए गए प्रयोग एक और अनोखा व्यवहार दिखाते हैं. स्टेशन में हवा का दबाव तो होता है लेकिन गुरुत्वाकर्षण काफी कम होता है. इस वजह से बर्फ पृथ्वी की तुलना में 5 से 10 गुना ज्यादा धीरे पिघल सकती है.
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