कितना बड़ा है मेक्सिको का ड्रग नेटवर्क, हर दिन कितना होता है अवैध व्यापार?
मेक्सिको का ड्रग नेटवर्क एक अंतरराष्ट्रीय जाल है, जिसमें लाखों लोग जुड़े हुए हैं. यहां हर दिन करोड़ों डॉलर का अवैध कारोबार होता है. अमेरिका की भारी मांग इस धंधे को लगातार ताकत देती है.

दुनिया के मोस्ट वांटेड ड्रग तस्करों में गिना जाना वाला नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिसे एल मेंचो के नाम से जाना जाता था, मेक्सिको में एक सैन्य अभियान के दौरान मारा गया. मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 59 वर्षीय इस कार्टेल लीडर को पश्चिमी राज्य जलिस्को में ऑपरेशन के दौरान ढेर किया गया. एल मेंचो Jalisco New Generation Cartel यानी CJNG का प्रमुख चेहरा था. उसकी मौत के बाद कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी. अधिकारियों का कहना है कि मिलिट्री कार्रवाई के जवाब में कार्टेल से जुड़े लोगों ने तोड़फोड़ और हमले शुरू कर दिए हैं. आइए जानें कि मेक्सिको का ड्रग नेटवर्क आखिर कितना मजबूत है.
कितना बड़ा है मेक्सिको का ड्रग नेटवर्क?
मेक्सिको का ड्रग नेटवर्क सिर्फ देश तक सीमित नहीं है, यह एक अंतरराष्ट्रीय अपराध तंत्र है. रिसर्च के मुताबिक, अलग-अलग कार्टेल्स को मिलाकर लगभग 1,75,000 सक्रिय सदस्य इस नेटवर्क से जुड़े हैं. इतनी बड़ी संख्या इसे देश के सबसे बड़े अनौपचारिक नियोक्ताओं में शामिल करती है. CJNG के पास कुल नेटवर्क का करीब 18 प्रतिशत हिस्सा माना जाता है, जबकि Sinaloa Cartel से जुड़े गुट लगभग 9 प्रतिशत सदस्यता रखते हैं. ये संगठन अमेरिका में पहुंचने वाली मेथामफेटामाइन, हेरोइन और फेंटेनिल की 70 से 90 प्रतिशत सप्लाई को नियंत्रित करते हैं.
हर दिन कितना होता है अवैध कारोबार?
अवैध ड्रग कारोबार का सटीक आंकड़ा निकालना मुश्किल है, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के मुताबिक अमेरिका में होने वाली ड्रग बिक्री से मेक्सिकन कार्टेल्स को हर साल लगभग 19 से 29 अरब डॉलर का मुनाफा होता है. अगर इस रकम को रोज के हिसाब से देखें तो करीब 50 से 80 मिलियन डॉलर यानी लगभग 400 से 650 करोड़ रुपये प्रतिदिन का पैसा इस नेटवर्क के जरिए घूमता है.
कुछ आकलनों में ड्रग्स की थोक बिक्री से कुल सालाना कमाई 13.6 अरब से 49.4 अरब डॉलर तक बताई गई है. सिर्फ सिंथेटिक ड्रग फेंटेनिल से ही कार्टेल्स को हर साल 700 मिलियन से 1 अरब डॉलर तक का फायदा होने का अनुमान है.
मेक्सिको ही क्यों बना बड़ा केंद्र?
मेक्सिको की भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है. यह दक्षिण अमेरिका के ड्रग उत्पादक देशों और अमेरिका जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार के बीच पुल का काम करता है. मेक्सिको में मारिजुआना और अफीम की खेती लंबे समय से होती रही है. यहां की मिट्टी और मौसम इन फसलों के लिए अनुकूल हैं. इसके अलावा, दक्षिण अमेरिका से कोकीन की खेप यहां पहुंचती है और फिर अमेरिका या यूरोप की ओर भेजी जाती है.
अमेरिका में ड्रग्स की मांग अधिक होने के कारण सप्लाई चेन भी मजबूत हुई. जहां डिमांड ज्यादा, वहां नेटवर्क भी उतना ही सक्रिय होता है.
बदलते तरीके और तकनीक
कार्टेल अब सिर्फ पारंपरिक तस्करी तक सीमित नहीं हैं. वे ड्रोन, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. सिंथेटिक ड्रग्स जैसे फेंटेनिल का उत्पादन बढ़ा है क्योंकि इन्हें कम लागत में तैयार किया जा सकता है और ज्यादा मुनाफा मिलता है. पिछले एक दशक में फेंटेनिल की खपत में करीब 600 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. 2024 में अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर जब्ती में करीब 20 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन मेक्सिको के भीतर जब्ती की मात्रा 4.4 किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 15.3 किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गई.
हिंसा और अर्थव्यवस्था पर असर
ड्रग नेटवर्क सिर्फ अवैध कमाई तक सीमित नहीं है. यह वसूली, ईंधन चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से भी पैसा कमाता है. कार्टेल के बीच टकराव और सुरक्षा बलों की कार्रवाई अक्सर आम नागरिकों को प्रभावित करती है. एल मेंचो की मौत के बाद जो हिंसा भड़की, वह इसी बात का संकेत है कि नेटवर्क कितना गहरा और संगठित है.
यह भी पढ़ें: जापान के सरकारी स्कूलों में कितनी होती है मंथली फीस, भारत से कम या ज्यादा?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























