इस मुस्लिम देश में पहली बार कोई महिला बनी थी प्रधानमंत्री, जानें कितने मुस्लिम देशों में हुआ ऐसा?
Female Politician In Muslim Countries: क्या आपको पता है कि मुस्लिम देशों में भी कई बार महिलाओं ने सत्ता की कमान संभाली है. जानिए किन मुस्लिम देशों में महिला प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनीं.

हाल ही में जापान में पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने पद संभाला है. जिसके बाद से दुनिया के देशों में महिला राजनेताओं की बात होने लगी है. अक्सर यह माना जाता है कि मुस्लिम देशों में महिलाओं को राजनीति में आगे नहीं बढ़ने दिया जाता या उन्हें नेतृत्व के मौके नहीं मिलते. लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग है. कई मुस्लिम बहुल देशों ने इस सोच को चुनौती देते हुए महिलाओं को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे ऊंचे पदों तक पहुंचाया है. इन महिलाओं ने न सिर्फ अपने देश की राजनीति में बल्कि पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है. चलिए जानें.
किस मुस्लिम देश में पहली बार महिला बनीं प्रधानमंत्री
सबसे पहले बात पाकिस्तान की करें तो यह दुनिया का पहला मुस्लिम देश बना, जिसने किसी महिला को प्रधानमंत्री बनाया. 1988 में बेनजीर भुट्टो जब पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं तो उन्होंने इतिहास रच दिया. वे पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी थीं और उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी. बेनजीर का कार्यकाल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ. उन्होंने दो बार देश की कमान संभाली और समाज में महिला नेतृत्व की नई सोच को जन्म दिया.
पड़ोसी मुल्क की राजनीति में महिलाओं का दबदबा
बांग्लादेश में तो पिछले कई दशकों से महिलाएं सत्ता की प्रमुख धुरी रही हैं. शेख हसीना जो 2009 से लेकर 2024 तक प्रधानमंत्री रहीं, देश की सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली महिला नेता हैं. उनसे पहले खालिदा जिया ने भी दो बार प्रधानमंत्री पद संभाला था. इन दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता ने बांग्लादेश की राजनीति को दशकों तक प्रभावित किया था. दोनों ने अपने-अपने समय में देश को विकास, शिक्षा और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ाया.
तुर्किए का क्या रहा हाल
तुर्किए की बात करें तो वहां 1993 में तानसु चिल्लर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. एक अर्थशास्त्री के रूप में मशहूर तानसु चिल्लर का कार्यकाल 1996 तक चला. उन्होंने अपने शासनकाल में आर्थिक सुधारों और विदेश नीति में अहम कदम उठाए. भले ही उनका कार्यकाल छोटा रहा हो, लेकिन उन्होंने तुर्किए में महिला नेतृत्व के प्रति लोगों की सोच को बदला.
इंडोनेशिया में भी महिला राजनेता का दबदबा
इंडोनेशिया जो दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश है, वहां भी महिलाओं ने इतिहास बनाया. 2001 से 2004 तक मेगावती सुकर्णोपुत्री देश की राष्ट्रपति रहीं. वह इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी हैं. उनका नेतृत्व महिलाओं की भागीदारी को लेकर प्रेरणादायक साबित हुआ और उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.
अफ्रीकी देश में महिला नेतृत्व
अफ्रीकी देश सेनेगल में भी महिला नेतृत्व की चमक देखने को मिली. 2013 में अमिनाटा टूरे देश की प्रधानमंत्री बनीं. हालांकि उनका कार्यकाल लंबा नहीं था, लेकिन उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं के अधिकारों के क्षेत्र में अहम बदलाव किए.
यह भी पढ़ें: 2 घंटे में कितने रुपये कमा लेता है टोल प्लाजा का मालिक? रकम सुनकर उड़ जाएंगे होश
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























