South Korea Exam: हर साल एक देश एक ऐसा असाधारण कदम उठाता है जिसका असर उसके पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर पड़ता है. इसमें एविएशन भी शामिल है. एक काफी जरूरी राष्ट्रीय परीक्षा के दौरान पूरे देश में उड़ानें कुछ समय के लिए रोक दी जाती हैं. ऐसा इसलिए ताकि पूरी तरह से शांति बनी रहे. यह देश है दक्षिण कोरिया. यहां सालाना यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम को एक छात्र की जिंदगी की सबसे जरूरी घटनाओं में से एक माना जाता है. इस परीक्षा के दिन सरकार पूरे देश में कड़े कदम उठाती है. 

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उड़ानें कुछ समय के लिए रोक दी जाती हैं 

सबसे अनोखे कदमों में से एक है परीक्षा के इंग्लिश लिसनिंग सेक्शन के दौरान विमानों के टेक ऑफ और लैंडिंग को कुछ समय के लिए रोक देना. परीक्षा का यह हिस्सा दोपहर 1:05 बजे से 1:40 बजे के बीच होता है. यह लगभग 35 मिनट तक चलता है. विमानों के शोर से छात्रों के ऑडियो सवालों को सुनने में कोई रुकावट ना आए इस वजह से पूरे देश में सभी उड़ानों को रोक दिया जाता है. यह कदम पूरी तरह से शांत माहौल को पक्का करता है. 

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हवा में पहले से मौजूद विमान का क्या होता है? 

जो विमान लिसनिंग टेस्ट शुरू होने के समय पहले से ही हवा में उड़ रहे होते हैं उन्हें एयरपोर्ट की ओर नीचे उतरने की इजाजत नहीं होती. इसके बजाय पायलटों को निर्देश दिया जाता है कि वह लिसनिंग सेक्शन खत्म होने तक कम से कम 3000 मीटर की ऊंचाई बनाए रखें. इससे शहरों और परीक्षा केंद्रों के ऊपर शोर का स्तर काफी कम हो जाता है.

छात्रों का भविष्य 

इस कदम के पीछे की वजह सुनुंग परीक्षा का महत्व है. दक्षिण कोरिया में कई छात्रों के लिए यह परीक्षा उनके यूनिवर्सिटी में दाखिले, करियर के मौकों और सामाजिक संभावनाओं पर काफी असर डाल सकती है. छात्रों के भविष्य पर इसके असर की वजह से पूरा देश परीक्षा के दिन को काफी ज्यादा गंभीरता और सामूहिक सहयोग के साथ लेता है. 

दफ्तर और फाइनेंशियल मार्केट देर से खुलते हैं

परीक्षा के दिन कई काम करने की जगहें सुबह के समय ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद के लिए अपने शेड्यूल में बदलाव करती हैं.  सरकारी दफ्तर, बड़ी कंपनियां और यहां तक की कोरिया एक्सचेंज भी आम दिनों के मुकाबले एक घंटा देर से खुलते हैं. इससे यह पक्का होता है कि छात्र सुबह के व्यस्त समय के ट्रैफिक की वजह से होने वाली देरी के बिना अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सके.

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