विदेश जाने का सपना देखते वक्त अक्सर लोग सिर्फ खूबसूरत समुद्र तट, ऐतिहासिक गलियां और खुली आजादी की तस्वीर मन में बनाते हैं. लेकिन अगर यही आजादी कानून से टकरा जाए तो जेब पर भारी पड़ सकती है. यूरोप के कई लोकप्रिय टूरिस्ट शहर अब सख्त नियमों के साथ पर्यटकों का स्वागत कर रहे हैं. कहीं बिकिनी पहनना जुर्म है, कहीं चप्पल में ड्राइव करना अपराध. सवाल ये है कि आखिर क्यों बदले गए ये नियम?
बढ़ता पर्यटन और घटता सब्र
यूरोप के कई देशों में बीते कुछ वर्षों में मास टूरिज्म तेजी से बढ़ा है. गर्मियों में लाखों पर्यटक छोटे-छोटे शहरों और द्वीपों में पहुंच जाते हैं. इससे स्थानीय जीवन प्रभावित होता है. शोर, गंदगी, अनुशासनहीन व्यवहार और सार्वजनिक जगहों का गलत इस्तेमाल अब आम समस्या बन चुका है. प्रशासन का कहना है कि ये नियम पर्यटकों को सजा देने के लिए नहीं, बल्कि शहरों की गरिमा और स्थानीय संस्कृति को बचाने के लिए हैं.
बीच तक सीमित रहेगा स्विमसूट
स्पेन, इटली, फ्रांस और क्रोएशिया के कई समुद्री शहरों में साफ निर्देश हैं कि स्विमसूट या बिकिनी सिर्फ बीच तक ही सीमित रहेगी. बार्सिलोना, कान्स, वेनिस, स्प्लिट और सोरेंटो जैसे शहरों में अगर कोई पर्यटक शहर की सड़कों पर बिकिनी या स्विमसूट में घूमता पाया गया, तो उस पर मोटा जुर्माना लगाया जा सकता है. कई जगह यह जुर्माना एक लाख रुपये से ज्यादा तक पहुंच जाता है. स्थानीय प्रशासन मानता है कि यह नियम सार्वजनिक शालीनता बनाए रखने के लिए जरूरी है.
चप्पल में ड्राइविंग भी अपराध
यूरोप में ड्राइविंग को बेहद जिम्मेदारी वाला काम माना जाता है. स्पेन, ग्रीस, इटली और फ्रांस जैसे देशों में फ्लिप-फ्लॉप या चप्पल पहनकर कार या बाइक चलाना गैरकानूनी है. वजह साफ है, चप्पल पैर से फिसल सकती है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे मामलों में करीब 25 से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. यह नियम पर्यटकों और स्थानीय लोगों, दोनों पर समान रूप से लागू होता है.
शराब, शोर और सख्ती
मालोर्का, इबीजा और कैनरी आइलैंड्स जैसे पार्टी डेस्टिनेशन में सड़कों पर शराब पीने पर सख्त पाबंदी है. खुले में शराब पीते पकड़े जाने पर लाखों रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. वहीं स्पेन के कुछ शहरों में पूल के पास कुर्सी पर लंबे समय तक तौलिया रखकर जगह रोकने पर भी दंड का प्रावधान है. प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक संसाधन सबके लिए हैं, उन पर कब्जा स्वीकार्य नहीं.
प्रकृति से छेड़छाड़ भी महंगी
ग्रीस जैसे देशों में बीच से शंख, पत्थर या रेत उठाना कानूनन अपराध है. ऐसा करते पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है. इसका मकसद प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना है. इसी तरह वेनिस की ऐतिहासिक नहरों में तैरना सख्त मना है. नियम तोड़ने पर चालान के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
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