Ed Raids On IPAC Office: गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी यानी I-PAC के दफ्तर पर छापेमारी की. यह कार्रवाई उस वक्त और चर्चा में आ गई, जब रेड के दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक कंपनी के कार्यालय पहुंच गईं. ईडी की इस जांच के चलते सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है. I-PAC के सह-संस्थापक प्रतीक जैन हैं, जिनका नाम देश की जानी-मानी राजनीतिक सलाहकार टीमों में शामिल रहा है. आइए जानें कि यह कंपनी क्या करती है और आखिर प्रतीक जैन कौन हैं.

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IPAC क्या करती है?

IPAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है, जिसका मुख्यालय कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में है. इस कंपनी की स्थापना 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने की थी. IPAC राजनीतिक रणनीति बनाने, पार्टीयों की चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मदद करने के लिए जानी जाती है. साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से यह तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम कर रही है. 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जीत में IPAC की रणनीति को अहम माना गया.

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IPAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन कौन हैं?

प्रतीक जैन 34 साल के हैं और बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले हैं. उन्होंने IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और डेलॉएट इंडिया में एनालिस्ट के तौर पर काम भी किया है. साल 2021 में प्रशांत किशोर ने आधिकारिक रूप से IPAC छोड़ दी थी, उसके बाद प्रतीक जैन, ऋषि राज सिंह और विनेश चंदेल कंपनी के डायरेक्टर बने.

प्रतीक जैन आम तौर पर लो-प्रोफाइल रहते हैं, लेकिन राजनीति और प्रशासन में उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है. वह कई बार नबन्ना (पश्चिम बंगाल का राज्य सचिवालय) जा चुके हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिल चुके हैं.

IPAC और विधानसभा चुनाव में भूमिका

IPAC चुनावी रणनीति बनाने, सरकारी प्रोजेक्ट्स को लागू कराने और पार्टी व प्रशासन के बीच संपर्क का काम करता है. विधानसभा चुनाव से पहले IPAC की टीम अलग-अलग केंद्रों में समीक्षा करती है, यह तय करती है कि किन उम्मीदवारों को टिकट मिलेगा और किसे बाहर रखा जाएगा. प्रतीक जैन IPAC की इन रणनीतिक बैठकों और समीक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं.

उनकी टीम राज्य के अधिकारियों और पार्टी नेताओं के साथ लगातार संवाद में रहती है. इस संवाद और रणनीति के कारण IPAC को चुनावी जीत में निर्णायक माना जाता है.

राजनीतिक और प्रशासनिक पकड़

प्रतीक जैन का IPAC में योगदान सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है. वह प्रशासनिक प्रक्रिया को समझते हैं और सरकारी अधिकारियों के साथ काम करने में दक्ष हैं. इसके जरिए पार्टी और प्रशासन के बीच पुल का काम करते हुए रणनीति तय करना आसान हो जाता है.

IPAC की टीम तृणमूल कांग्रेस की चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे यह कंपनी राज्य की राजनीति में प्रभावशाली और चर्चित बनी हुई है.

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