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Donald Trump: क्या अमेरिकी राष्ट्रपति को होती है शेयर ट्रेडिंग की इजाजत, जानें क्यों उठ रहे ट्रंप पर सवाल; जानें नियम?

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से मुश्किलों में घिर चुके हैं. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने लाखों डॉलर के स्टॉक लेन-देन की जानकारी नहीं दी है. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.

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  • पूर्व राष्ट्रपति पर स्टॉक की जानकारी देने में देरी का आरोप।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति को स्टॉक ट्रेडिंग की है कानूनी इजाजत।
  • 2012 का स्टॉक एक्ट है सरकारी अधिकारियों पर लागू।
  • लगभग 3700 से अधिक स्टॉक सौदे सामने आए।

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से अपनी वित्तीय गतिविधियों और स्टॉक ट्रेडिंग के तरीकों को लेकर सवालों के घेरे में आ चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक  ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने लाखों डॉलर के स्टॉक लेन-देन की जानकारी कानूनी रूप से तय समय सीमा के अंदर सार्वजनिक रूप से नहीं दी. इसके बाद उन पर $200 का वित्तीय जुर्माना लगाया गया है. आइए जानते हैं कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति को शेयर ट्रेडिंग की इजाजत होती है या फिर नहीं.

क्या अमेरिका के राष्ट्रपति को स्टॉक ट्रेडिंग करने की अनुमति है? 

कानूनी तौर पर इसका जवाब है हां. संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए स्टॉक खरीदने, बेचने और अपने पास रखने की अनुमति है. ना तो यूएस का संविधान और ना ही कोई संघीय कानून किसी मौजूदा राष्ट्रपति को स्टॉक मार्केट में हिस्सा लेने से सीधे तौर पर रोकता है. हालांकि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, कांग्रेस के सदस्यों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित ऊंचे पद के सरकारी अधिकारियों पर सख्त नैतिक और जानकारी देने के नियम लागू होते हैं. 

क्या कहता है स्टॉक एक्ट? 

सरकारी अधिकारियों द्वारा स्टॉक ट्रेडिंग को कंट्रोल करने वाले सबसे जरूरी कानून में से एक है स्टॉक एक्ट. इसे 2012 में पारित किया गया था. यह कानून उन सार्वजनिक अधिकारियों द्वारा इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए लाया गया था जिन्हें सरकारी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक होने से पहले ही मिल सकती है. इस कानून के तहत राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सरकारी बैठक, गोपनीय ब्रीफिंग या फिर नीतिगत चर्चा के जरिए से प्राप्त गैर सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल अपने निजी  वित्तीय लाभ के लिए नहीं कर सकते हैं. इस कानून का उद्देश्य इस बात को पक्का करना है कि अधिकारी अपनी सरकारी स्थिति की वजह से स्टॉक मार्केट में कोई अनुचित लाभ न उठाएं.

45 दिनों के अंदर जानकारी देने के नियम 

संयुक्त राज्य अमेरिका के सरकारी नैतिकता कार्यालय द्वारा लागू नियमों के तहत सरकारी अधिकारियों को $1000 से ज्यादा के स्टॉक लेन-देन की जानकारी, लेन-देन के 45 दिनों के अंदर सार्वजनिक रूप से देनी होती है. यह नियम स्टॉक और वित्तीय संपत्तियों की खरीद, बिक्री और अदला-बदली पर लागू होता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कुछ स्टॉक लेन-देन की जानकारी तय समय सीमा के अंदर ना देने के लिए $200 का जुर्माना लगाया गया था.

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ब्लाइंड ट्रस्ट क्या है? 

अमेरिकी राजनीति में कई राष्ट्रपति पारंपरिक रूप से पद संभालने के बाद अपनी वित्तीय संपत्ति को ब्लाइंड ट्रस्ट में डाल देते हैं. ब्लाइंड ट्रस्ट का प्रबंधन एक स्वतंत्र ट्रस्टी द्वारा किया जाता है. यह राष्ट्रपति को खास वित्तीय निर्णय या फिर स्टॉक होल्डिंग के बारे में सूचित किए बिना निवेश को कंट्रोल करता है. 

ट्रंप क्यों है विवादों में? 

वित्तीय खुलासों से कथित तौर पर यह पता चला है कि 2026 के पहले 3 महीना के दौरान ट्रंप के खातों से जुड़े ट्रेडिंग गतिविधियां काफी ज्यादा थीं. रिपोर्ट के मुताबिक अगले जनवरी और मार्च के बीच 3700 से ज्यादा स्टॉक सौदे किए गए. वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों ने इस मात्रा को एक व्यक्तिगत निवेशक के लिए काफी ज्यादा असामान्य बताया.

सरकारी नीतियों से प्रभावित कंपनियों में निवेश 

एक और बड़ी चिंता उन कंपनियों को लेकर हैं जो इन सौदों में शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के खाते से प्रमुख टेक्नोलॉजी और रक्षा कंपनियों के शेयरों में भारी ट्रेडिंग की गई, जिनके व्यावसायिक काम-काज व्हाइट हाउस की नीति और संघीय अनुबंधों से सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं. 

जैसे इन सौदों में माइक्रोसॉफ्ट के शेयर शामिल थे और व्हाइट हाउस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चीन को टेक्नोलॉजी निर्यात से जुड़ी नीतियों में लगातार शामिल था. इसी तरह उन कंपनियों में भी निवेश किए जाने की खबरें है जो कंपनियां अमेरिकी सरकार और रक्षा क्षेत्र के साथ एक गहरा संबंध रखती हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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