Patal Lok Mystery : पाताल लोक का नाम सुनते ही लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं. हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों से लेकर दुनिया की कई प्राचीन सभ्यताओं तक, जमीन के नीचे बसे एक रहस्यमयी लोक का जिक्र मिलता है. वहीं दूसरी ओर विज्ञान पृथ्वी की अंदर संरचना को बिल्कुल अलग नजरिए से समझाता है. ऐसे में कई सवाल सामने आते हैं कि धरती के नीचे आखिर क्या है, क्या वहां सिर्फ मिट्टी, चट्टानें और लावा है या फिर कोई ऐसी रहस्यमयी दुनिया भी मौजूद है, जिसका जिक्र सदियों से धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन सभ्यताओं में होता आया है, तो आइए जानते हैं कि क्या सच में पाताल होता है और क्या जमीन के नीचे भी दुनिया बसी है.
क्या सच में पाताल होता है?
हिंदू धर्म के कई ग्रंथों में पाताल लोक का जिक्र मिलता है. रामायण के अनुसार जब अहिरावण भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक ले गया था, तब उन्हें बचाने के लिए हनुमान जी पाताल लोक पहुंचे थे. कथा के अनुसार वहां पहुंचने के लिए एक सुरंग का रास्ता था और यह लोक धरती के नीचे स्थित बताया गया है. मान्यता है कि इसकी गहराई लगभग 70 हजार योजन बताई गई है. हालांकि पाताल लोक को लेकर कोई वैज्ञानिक या ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिला है.
हिंदू धर्म में कितने लोक बताए गए हैं?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मांड को कुल 14 लोकों में बांटा गया है. इनमें 7 ऊपरी लोक और 7 निचले लोक बताए गए हैं. ऊपरी लोकों में भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपोलोक और ब्रह्मलोक शामिल हैं, जबकि निचले लोकों में अतल, वितल, सतल, रसातल, तलातल, महातल और पाताल का वर्णन मिलता है. हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार पाताल इन सात निचले लोकों में सबसे प्रमुख माना जाता है और इसका जिक्र कई पौराणिक कथाओं में मिलता है.
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क्या पाताल लोक तक जाने के रास्तों का भी जिक्र मिलता है?
भारत में कई ऐसी जगह हैं जिनके नाम के साथ पाताल शब्द जुड़ा हुआ है, जैसे पातालकोट, पातालपानी, पातालद्वार, पाताल भैरवी, पाताल दुर्ग और पाताल भुवनेश्वर. कई धार्मिक मान्यताओं में इन्हें पाताल लोक से जुड़ा माना जाता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार नर्मदा नदी को भी पाताल नदी कहा जाता है. कई लोगों मानते हैं कि कुछ गुफाएं और समुद्र के कुछ स्थान पाताल लोक तक जाने का मार्ग हो सकते हैं. हालांकि इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है.
क्या जमीन के नीचे भी बसी है दुनिया?
पौराणिक कथाओं में धरती के नीचे पाताल लोक का जिक्र मिलता है, जबकि विज्ञान के अनुसार पृथ्वी के अंदर क्रस्ट, मेंटल, बाहरी कोर और भीतरी कोर जैसी परतें हैं, जहां ज्यादा तापमान और दबाव होने के कारण जीवन की संभावना लगभग नहीं मानी जाती है. अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि जमीन के नीचे इंसानों जैसी कोई अलग दुनिया बसी हुई है. इसलिए जमीन के नीचे दूसरी दुनिया होने का दावा धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं का हिस्सा है, जबकि वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी के अंदर केवल उसकी अलग-अलग भू-परतें मौजूद हैं.
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