Pakistan Payments: पेटीएम और फोन पे जैसे एप्स भारत में रोज की आदत बन चुके हैं. लेकिन जैसे ही आप सीमा पार करके पाकिस्तान जाते हैं कहानी पूरी तरह से बदल जाती है. ये भारतीय एप्लीकेशंस पाकिस्तान में काम नहीं करती. इसकी मुख्य वजह यह है कि ये भारत के यूपीआई और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर बने हैं, जो वहां पर उपलब्ध नहीं हैं. तो आइए जानते हैं कि पाकिस्तान में डिजिटल पेमेंट के लिए किन एप्लीकेशन का इस्तेमाल होता है.

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पाकिस्तान में क्यों काम नहीं करते भारतीय पेमेंट एप्स? 

पाकिस्तान में गूगल पे ने सीमित सेवाएं देनी शुरू कर दी है. इनसे कार्ड आधारित पेमेंट और इन ऐप ट्रांजैक्शन किया जा सकते हैं. भारत में पेटीएम और फोन पे जैसे एप्लीकेशंस यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस पर चलते हैं. पाकिस्तान का फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से अलग है. यही वजह है कि ये एप्लीकेशंस वहां के लोकल बैंक या फिर वॉलेट से सीधे कनेक्ट नहीं हो पाए.

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पाकिस्तान का अपना डिजिटल पेमेंट सिस्टम 

पाकिस्तान ने खुद का इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम बनाया है. इस सिस्टम को Raast कहते हैं. यह काफी हद तक भारत के यूपीआई जैसे ही काम करता है. इसके जरिए यूजर्स अपने मोबाइल नंबर या फिर यूनिक आईडी का इस्तेमाल करके तुरंत पैसे भेज सकते हैं और साथ ही पा भी सकते हैं. 

पाकिस्तान के लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट 

पेटीएम या फिर फोन पे के बजाय पाकिस्तान के लोग लोकल एप्लीकेशन पर ज्यादा निर्भर रहते हैं. यहां पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ऐप JazzCash है. इसके 40 मिलियन से भी ज्यादा यूजर्स हैं और यह एक फुल सर्विस वॉलेट की तरह काम करता है. एक और बड़ा नाम EasyPaisa है. इसे टेलीनॉर ने लॉन्च किया था. यह शहर और गांव दोनों जगह पर ही काफी इस्तेमाल किया जाता है. इनके अलावा SadaPay और NayaPay जैसी नई फिनटेक एप्लीकेशन भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

पाकिस्तान में लोग पेमेंट कैसे करते हैं? 

पाकिस्तान में पेमेंट करने का तरीका काफी हद तक भारत जैसा ही है. लोग दुकानों पर क्यूआर कोड स्कैन करके पेमेंट करते हैं. इसी के साथ मोबाइल वॉलेट के जरिए पैसे भेजे जाते हैं और एप्लीकेशन के जरिए अपने बिलों का पेमेंट किया जाता है. 

हालांकि डिजिटल पेमेंट के बढ़ते चलन के बावजूद भी पाकिस्तान के कई हिस्सों में नकद का ही बोलबाला है. ऑनलाइन शॉपिंग के लिए कैश ऑन डिलीवरी अभी भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पेमेंट तरीकों में से एक है.

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