Dharmendra Pradhan Resignation: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक आरोपों को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है. इसके बाद कई लोग शिक्षा मंत्री सहित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को मिलने वाली सैलरी, भत्तों और आधिकारिक सुविधाओं के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं. आइए जानते हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संसद और कैबिनेट मंत्री के तौर पर कितनी सैलरी दी जाती है.

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बेसिक सैलरी और मासिक भत्ते 

शिक्षा मंत्री को ₹1 लाख प्रति माह की बेसिक सैलरी दी जाती है. इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े काम और जनता से संपर्क के लिए ₹70,000 प्रति माह का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता भी दिया जाता है. ऑफिस के कामकाज और स्टाफ से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए ₹60000 प्रति माह का ऑफिस भत्ता भी दिया जाता है. जब भी संसद या फिर उसकी कमेटियों का सत्र चल रहा होता है तो मंत्रियों को आधिकारिक कार्यवाही में शामिल होने के लिए ₹2000 का दैनिक भत्ता भी मिलता है. 

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नई दिल्ली में सरकारी आवास 

केंद्रीय कैबिनेट के सदस्य के तौर पर शिक्षा मंत्री को दिल्ली के लुटियंस जोन में बिना किराया दिए पूरी तरह से सुसज्जित सरकारी बंगला मिलता है. इस आवास का रखरखाव सरकार करती है और इसमें आधिकारिक और आवासीय जरूरत के हिसाब से सभी सुविधाएं दी जाती हैं. 

सरकारी गाड़ी और सुरक्षा 

मंत्री को आधिकारिक इस्तेमाल के लिए सरकारी गाड़ी, ड्राइवर और ईंधन दिया जाता है. कैबिनेट मंत्री को उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी दी जाती है. इसमें संबंधित एजेंसी द्वारा सुरक्षा के आकलन के आधार पर सुरक्षाकर्मी, एस्कॉर्ट गाड़ी और सुरक्षा के दूसरे उपाय शामिल हो सकते हैं. 

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यात्रा और मेडिकल सुविधा 

केंद्रीय मंत्री को भारत के अंदर मुफ्त आधिकारिक यात्रा की भी सुविधा मिलती है. इसमें आधिकारिक कामों के लिए फर्स्ट एसी ट्रेन यात्रा और एग्जीक्यूटिव क्लास हवाई यात्रा शामिल है. लागू सरकारी नियम के तहत परिवार के योग्य सदस्यों के लिए भी यात्रा में कुछ छूट मिलती है. वे सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के तहत भी आते हैं जो मंत्रियों और उनके आश्रित परिवारों के सदस्यों को पैनल में शामिल अस्पतालों में इलाज की सुविधा देती है. 

ऑफिस का स्टाफ और कम्युनिकेशन की सुविधा 

सरकारी जिम्मेदारी को निभाने में मदद के लिए सरकार पूरा स्टाफ उपलब्ध कराती है. इसमें पर्सनल असिस्टेंट, सेक्रेटरी और सपोर्ट स्टाफ शामिल होता है.  सरकारी आवास और ऑफिस में टेलीफोन कनेक्शन, इंटरनेट की सुविधा और सरकारी कामकाज के लिए जरूरी दूसरी कम्युनिकेशन सेवा भी मौजूद होती है.

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