बिल्डिंग गिरने पर Fire Brigade क्यों आई, क्या इनका काम सिर्फ आग बुझाना नहीं होता?
Delhi Satya Niketan Building Collapsed: दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बड़ा हादसा हो गया है. इमारत गिरने की वजह से कई छात्रों की मौत हो गई है. जानें इस हादसे के बाद फायरफाइटर्स को क्यों बुलाया गया.

- दिल्ली सत्य निकेतन में इमारत ढहने से 6 की मौत, बचाव कार्य जारी।
- फायरफाइटर्स विशेष उपकरणों से मलबे में फंसे लोगों को बचाते हैं।
- वे सड़क दुर्घटना, गैस लीक, पानी में भी बचाव करते हैं।
- प्राकृतिक आपदाओं में बाधाएं हटाकर बचाव कार्यों में सहायता करते हैं।
Delhi Satya Niketan Building Collapsed: दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बड़ी इमारत गिरने से बचाव एजेंसियां हरकत में आ गई हैं. हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और दूसरी इमरजेंसी टीमें घटना स्थल पर बचाव कार्य कर रही हैं. इमारत गिरने की घटना में फायर ब्रिगेड की मौजूदगी कुछ लोगों को हैरान कर सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि फायरफाइटर को आमतौर पर आग बुझाने वाले के तौर पर ही देखा जाता है. हालांकि उनकी भूमिका इससे काफी ज्यादा बड़ी है और इसमें इमारत गिरने, दुर्घटनाओं और दूसरी इमरजेंसी स्थिति में लोगों की जान बचाना भी शामिल है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.
मलबे में फंसे लोगों को बचाना
गिरी हुई इमारत में फायरफाइटर्स की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है मलबे के नीचे फंसे लोगों को ढूंढना और उन्हें बचाना. फायर सर्विस के पास हाइड्रोलिक कटर, स्प्रेडर और लिफ्टिंग टूल जैसे खास उपकरण होते हैं जो मेटल, कंक्रीट और दूसरी रूकावटों को काट सकते हैं. ये उपकरण बचाव टीमों को तंग या फिर अस्थिर जगह पर फंसे लोगों तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं.
फायरफाइटर्स को खतरनाक मलबे के बीच काम करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है ताकि और चोट लगने या फिर इमारत के और हिस्से को गिरने से रोका जा सके.

इमारत गिरने के बाद आग लगने से रोकना
इमारत गिरने से आग लगने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. अब भले ही शुरुआत में आग ना लगे लेकिन बाद के खतरे को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. जब दीवार, फर्श और दूसरा ढांचा अचानक गिरता है तो बिजली के तार टूट सकते हैं, शॉर्ट सर्किट हो सकता है और गैस पाइपलाइन फट सकती है.
खराब बिजली सिस्टम से निकली चिंगारी और लीक हो रही गैस मिलकर आग या फिर धमाका कर सकती हैं. इस वजह से बचाव कार्य जारी रहने के दौरान फायरफाइटर ऐसे खतरों की पहचान करने और उन्हें कंट्रोल करने के लिए घटनास्थल पर मौजूद रहते हैं.
फायरफाइटर फर्स्ट रिस्पॉन्डर होते हैं
फायर सर्विस की आधुनिक भूमिका आग बुझाने से काफी ज्यादा आगे तक फैली हुई है. फायरफाइटर को कई तरह की इमरजेंसी स्थितियों में कार्रवाई करने की ट्रेनिंग दी जाती है. इनमें लोगों को तुरंत बचाव या फिर मदद की जरूरत होती है.
संबंधित फायर सर्विस और आपदा प्रबंधन नियमों के तहत फायर कर्मी इमारत गिरने, प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से जुड़े इमरजेंसी कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं. खतरनाक जगह पर तेजी से पहुंचने और खास बचाव उपकरणों का इस्तेमाल करने की उनकी क्षमता उन्हें शुरुआती कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा बनाती है.

सड़क दुर्घटनाओं के दौरान बचाव
फायरफाइटर्स को अक्सर गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के लिए बुलाया जाता है, जहां लोग टूटी-फूटी गाड़ियों के अंदर फंस जाते हैं. ऐसे हालातों में हाइड्रोलिक कटिंग और स्प्रेडिंग उपकरणों का इस्तेमाल गाड़ी के हिस्सों को हटाने और एक रास्ता बनाने के लिए किया जा सकता है. इससे फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है. फायरफाइटर्स दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित करने और घायल लोगों की मदद करने के लिए पुलिस और मेडिकल टीमों के साथ मिलकर भी काम कर सकते हैं.
डूबने की घटना के दौरान बचाव कार्य
फायर सर्विस पानी में बचाव कार्यों में भी हिस्सा लेती है. जब लोग नदियों, तालाबों, कुओं या फिर पानी के दूसरे स्रोतों में गिर जाते हैं तो उनकी टीमों को बुलाया जा सकता है. हालात के आधार पर, ट्रेंड कर्मचारी लोगों को खोजने और बाहर निकालने के लिए बचाव नौकाओं, रस्सियों, ड्राइविंग के सामान और दूसरे खास उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
गैस और केमिकल लीक की स्थिति में कार्रवाई
एक और बड़ी जिम्मेदारी खतरनाक पदार्थों से जुड़ी घटनाओं को संभालना है. गैस लीक और केमिकल दुर्घटनाओं में लोग जहरीले या आग पकड़ने वाले पदार्थों के संपर्क में आ सकते हैं.
फायरफाइटर को प्रभावित इलाकों को सुरक्षित करने, तुरंत खतरों की पहचान करने और आग, धमाकों या फिर और ज्यादा संपर्कों को रोकने के उपाय करने के लिए ट्रेंड किया जाता है. घटना की प्रकृति के आधार पर खास सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
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प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मदद
भूकंप, चक्रवात, बाढ़ और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी फायर सर्विस काफी बड़ी भूमिका निभा सकती है. भूकंप या फिर तेज और तूफान के बाद गिरे हुए पेड़, क्षतिग्रस्त इमारतें और मलबा सड़कों को रोक सकते हैं और आपातकालीन वाहनों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने से रोक सकते हैं. फायरफाइटर रूकावटों को हटाने और बचाव कार्यों के लिए रास्ता बनाने के लिए काटने और उठाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
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