Delhi Protest: पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से कल दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन की इजाजत देने से इनकार कर दिया है. इसकी वजह प्रदर्शन के बारे में जानकारी देर से देना बताई गई है. इसी बीच रिपोर्ट के मुताबिक कल नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर पहुंचने वाली सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है.
कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि देशभर में उनके समर्थकों को हिरासत में लिया जा रहा है. विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने और 10 डिटेंशन सेंटर बनाने का फैसला किया है.
दिल्ली का भारी भरकम रोजाना रेल ट्रैफिक
हर दिन 1100 से ज्यादा ट्रेनें दिल्ली आती हैं और यहां से रवाना होती हैं. शहर के रेलवे नेटवर्क से रोजाना लगभग 15 से 20 लाख यात्री सफर करते हैं. इसमें दिल्ली आने वाले, राजधानी से बाहर जाने वाले और ट्रेन बदलने वाले लोग शामिल हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की काफी ज्यादा भीड़ होती है.
इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में रेलवे का कामकाज कितना बड़ा है. बड़े स्टेशनों पर ट्रेनें रद्द होने से रोजाना सफर करने वालों, परिवारों, छात्रों, मजदूर और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों की यात्रा में रुकावट आ सकती है. इसका असर सिर्फ प्लेटफार्म तक ही सीमित नहीं रहता बल्कि स्टेशन के आसपास के रास्ते, सड़क, टैक्सी, बस और कनेक्टिंग ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ता है.
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को राजधानी का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन माना जाता है. यहां से रोजाना लगभग 330 से 350 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं या फिर शुरू होती हैं. इसी के साथ हर दिन लगभग 5 लाख यात्री इसका इस्तेमाल करते हैं. इसके 16 चालू प्लेटफार्म लंबी दूरी की कई तरह की सेवाओं के लिए काम आते हैं.
स्टेशन पर पहाड़गंज और अजमेरी गेट की तरफ मुख्य एंट्री पॉइंट हैं. यहां दिन भर भीड़ जमा रहती है. दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है. इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा और भीड़ को संभालने के इंतजाम करने पड़ते हैं. यहां सालाना यात्रियों की संख्या लगभग 3.96 करोड़ बताई जाती है.
हजरत निजामुद्दीन स्टेशन और यात्रियों की संख्या
हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन एक और बड़ा रेल हब है. रिपोर्ट के मुताबिक इस स्टेशन पर रोजाना 250 से 360 से ज्यादा ट्रेनें आती-जाती हैं. यह रोजाना लगभग 2.5 लाख से 3.6 लाख यात्री आते-जाते हैं और यात्रियों के लिए 9 प्लेटफॉर्म हैं.
सराय काले खान वाले एंट्री गेट पर अक्सर गाड़ियों और यात्रियों की भारी भीड़ होती है. यात्रियों के आने-जाने के समय स्टेशन के पास भीड़ होने से आसपास की सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है. हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से सालाना लगभग 1.45 करोड़ यात्री गुजरते हैं.
स्टेशनों पर सबसे ज्यादा भीड़ कब होती है
दोनों स्टेशनों पर आमतौर पर सुबह 4:00 बजे से 9:00 बजे तक और शाम को 5:00 से 10:00 तक काफी ज्यादा भीड़ होती है. इस समय राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों समेत कई ट्रेनों का आना-जाना होता है. भीड़-भाड़ वाले समय में यात्रियों को लंबी लाइन, भरे हुए प्लेटफार्म और भीड़-भाड़ वाले एंट्री गेट का सामना करना पड़ सकता है.
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ट्रेन रद्द होने और सुरक्षा उपायों का महत्व
जब ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन से ही रद्द हो जाती है तो यात्रियों को दिल्ली पहुंचने से पहले ही अपने प्लान बदलने पड़ सकते हैं. ऐसे फैसलों से आगे की यात्रा, रहने की व्यवस्था और काम या फिर परिवार से जुड़े कामों पर असर पड़ सकता है. सुरक्षा प्रतिबंधों और मेट्रो बंद होने से यात्रा और भी मुश्किल हो सकती है. यात्रियों को घर से निकलने से पहले रेलवे और ट्रांसपोर्ट की आधिकारिक जानकारी देख लेनी चाहिए.
दिल्ली में रोजाना काफी बड़ी संख्या में ट्रेन और यात्री आते-जाते हैं. नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से लाखों यात्री गुजरते हैं इस वजह से किसी भी तरह की रुकावट के समय भीड़ को संभालना और सही जानकारी देना काफी जरूरी हो जाता है.
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