Iran Supreme Leader Security: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की धमकी दी है और देश के तेल और गैस क्षेत्र को निशाना बनाने की भी बात कही है. जैसे-जैसे अमेरिका और  ईरान के बीच  तनाव बढ़ रहा है यह सवाल उभर कर सामने आया है कि क्या अमेरिका ईरान पर उसी तरह से दबाव डाल सकता है या फिर उस तरह कब्जा कर सकता है जैसे उसने वेनेजुएला में किया था? आइए जानते हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर की सिक्योरिटी कितनी टाइट है.

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ईरान के सुप्रीम लीडर की सुरक्षा व्यवस्था 

ईरान के सुप्रीम लीडर की सुरक्षा कई परतों से घिरी है. इस प्रणाली के केंद्र में इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एक खास इकाई है. इसे आंतरिक और बाहरी दोनों खतरों का जवाब देने के लिए काफी ज्यादा वफादार और प्रशिक्षित माना जाता है. 

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ईरान ने पहाड़ी क्षेत्रों के अंदर गहरे भूमिगत बंकरों का एक नेटवर्क भी विकसित किया है. इन सुविधाओं को मिसाइल हमलों और हवाई बमबारी का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है. सुप्रीम लीडर के आवास और बैठक स्थलों के आसपास थर्मल कैमरे और सख्त स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं के साथ-साथ एडवांस्ड निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है. संवेदनशील स्थानों में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की काफी ज्यादा सुरक्षा जांच की जाती है. 

खुफिया आकलन के मुताबिक ईरान नेतृत्व की निरंतरता को पक्का करने के लिए अचानक से इस्तेमाल में लाई जाने वाली योजनाओं को भी बनाए रखता है. अगर सर्वोच्च नेता अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ होते हैं तो कथित तौर पर सैन्य और प्रशासनिक उत्तराधिकारियों की एक श्रृंखला किसी भी शक्ति शून्यता को रोकने के लिए तुरंत कार्यभार संभालने के लिए तैयार होती है. 

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ईरान वेनेजुएला से अलग क्यों है? 

रक्षा विश्लेषकों का यह तर्क है कि ईरान में जो स्थिति मौजूद है वह वेनेजुएला की स्थितियों से मौलिक रूप से काफी अलग हैं. एक बड़ा अंतर विचारधारा का है. ईरान का सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान एक मजबूत धार्मिक और राजनीतिक ढांचे से चलता है. बड़े अधिकारी और आईआरजीसी कमांडर देश की अमेरिकी विरोधी स्थिति के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध हैं. इसी के साथ वे बाहरी दबाव से आसानी से प्रभावित नहीं होते. एक दूसरी वजह उसका अस्तित्व है जिसे विश्लेषक गहरी स्थिति संरचना के रूप में बताते हैं. ईरान की व्यवस्था अकेले किसी एक नेता पर निर्भर नहीं है. मौलवी, सैन्य कमांडर और सरकारी संस्थान सामूहिक रूप से नेटवर्क बनाते हैं. 

सैन्य क्षमता 

ईरान के पास पर्याप्त सैन्य क्षमता भी है. इसके बेड़े में बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं. वहीं हिज्बुल्लाह और हौथिस जैसे क्षेत्रीय सहयोगी अतिरिक्त रणनीतिक गहराई प्रदान करते हैं. अगर कोई बड़ा संघर्ष होता भी है तो इन नेटवर्क का इस्तेमाल सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने या फिर जरूरी ऊर्जा रास्तों को बाधित करने के लिए किया जा सकता है.

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