Cockroach Janata Party: वायरल ऑनलाइन मूवमेंट कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी ऑफिशल वेबसाइट लॉन्च कर दी है. इसके बाद लोग डिजिटल तरीके से इस संगठन से जुड़ सकते हैं. यह व्यंग्यात्मक ग्रुप जिसे हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त लोकप्रियता मिली है खुद को आलसियों और बेरोजगारों की आवाज बताता है. इस मूवमेंट की अनोखी बात यह है कि इसके सदस्यता के नियम जानबूझकर मजाकिया और इंटरनेट केंद्रित रखे गए हैं.
पार्टी में शामिल होने के लिए कौन योग्य?
कॉकरोच जनता पार्टी ने सदस्यता के कुछ ऐसे अनोखे नियम पेश किए हैं जो ज्यादातर व्यंग्य पर आधारित हैं. पार्टी के विवरण के मुताबिक बेरोजगार लोगों का इसमें स्वागत है. खासकर उन लोगों का जो इंटरनेट पर काफी समय बिताते हैं. यह मूवमेंट मजाक के अंदाज में उन लोगों को टारगेट करता है जो खुद को आलसी बताते हैं, इंटरनेट पर लगातार एक्टिव रहते हैं और मीम्स व ऑनलाइन टिप्पणियों के जरिए राजनीति, समाज या फिर सिस्टम के प्रति अपनी निराशा जाहिर करने में माहिर होते हैं. पार्टी इन शर्तों को एक मजाकिया लहजे में पेश करती है.
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई वेबसाइट
इस मूवमेंट के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक इंटरव्यू में बताया कि यह ऑफिशियल वेबसाइट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का इस्तेमाल करके सिर्फ 1 घंटे में तैयार की गई थी. दीपके ने बताया कि प्लेटफार्म को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि युवा ऑनलाइन फॉर्म भरकर डिजिटल सदस्य के तौर पर तेजी से साइन अप कर सकें.
कैसे शुरू हुआ यह मूवमेंट?
रिपोर्ट के मुताबिक कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत जस्टिस सूर्यकांत से जुड़ी एक कथित टिप्पणी पर हुए गुस्से से हुई थी. सोशल मीडिया यूजर्स का यह दावा था कि कुछ ऐसे लोगों का जिक्र करते हुए कॉकरोच और परजीवी शब्दों का इस्तेमाल किया गया था जो फर्जी डिग्री और परीक्षाओं जैसे मुद्दों पर सिस्टम पर सवाल उठा रहे थे. हालांकि बाद में सफाई देते हुए कहा गया कि उन टिप्पणियों का गलत मतलब निकाला गया था.
कॉकरोच शब्द को अपमान के तौर पर लेने के बजाय कई इंटरनेट यूजर्स ने इसे एक व्यंग्यात्मक पहचान में बदल दिया. इस आंदोलन में बेरोजगारी शिक्षा से जुड़ी समस्या और शासन प्रशासन को लेकर लोगों में पंक्ति निराशा के इर्द-गिर्द एक ऑनलाइन समुदाय बनाने के लिए हास्य और व्यंग को बढ़ा चढ़ा कर किए गए राजनीतिक प्रचार का सहारा बना दिया.
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