जब भी साफ-सफाई की बात होती है, तो जापान और सिंगापुर जैसे देशों का नाम अक्सर लिया जाता है. वहां की सड़कें और सार्वजनिक जगहें काफी साफ रहती हैं. लेकिन किसी देश को साफ मानने के लिए सिर्फ सड़कें देखना ही काफी नहीं होता. हवा, पानी, कचरे और जंगलों की स्थिति भी देखी जाती है. साल 2026 की नई रिपोर्ट में एस्टोनिया को पहला स्थान मिला है. वहीं, जापान और सिंगापुर टॉप-10 से बाहर हैं और भारत की रैंकिंग भी काफी नीचे है.

Continues below advertisement

एस्टोनिया बना दुनिया का सबसे साफ देश

साल 2026 की रिपोर्ट में एस्टोनिया पहले नंबर पर है. इस देश को 74.8 अंक मिले हैं. यहां पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रीनहाउस गैसों को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है. इन्हीं बातों के आधार पर एस्टोनिया को इस सूची में पहला स्थान मिला है.

दूसरे और तीसरे नंबर पर कौन से देश हैं?

इस लिस्ट में लक्जमबर्ग दूसरे नंबर पर है. उसे 74.2 अंक मिले हैं. वहीं, यूनाइटेड किंगडम यानी ब्रिटेन 71.5 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर है. फिनलैंड चौथे और नीदरलैंड पांचवें स्थान पर हैं. इन देशों में प्रदूषण कम करने, कचरे को सही तरीके से संभालने और पानी को साफ रखने जैसे कामों पर विशेष  ध्यान दिया जाता है.

Continues below advertisement

दुनिया के टॉप-10 साफ देशों की लिस्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 10 सबसे साफ देशों की सूची इस तरह है  एस्टोनिया — 74.8 अंक, लक्जमबर्ग — 74.2 अंक, ब्रिटेन — 71.5 अंक, फिनलैंड — 71.0 अंक, नीदरलैंड — 70.5 अंकजर्मनी — 69.9 अंक, फ्रांस — 69.8 अंक, नॉर्वे — 69.2 अंक, स्वीडन — 69.2 अंक, ऑस्ट्रिया — 66.8 अंक 

इस सूची में यूरोप के कई देश शामिल हैं. इनकी रैंकिंग सिर्फ सड़कों की सफाई देखकर तय नहीं की गई है. इसमें हवा, पानी, जंगल और प्रदूषण जैसे कई पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया है.

यह भी पढ़ें : नकली दवा बेचने पर कितने साल की होती है सजा, क्या हैं इसके नियम?

 जापान और सिंगापुर टॉप-10 से बाहर क्यों हैं?

जापान और सिंगापुर अपनी साफ-सफाई के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं. इसके बावजूद साल 2026 की इस लिस्ट में जापान 16वें और सिंगापुर 61वें नंबर पर है. इसकी वजह यह है कि रिपोर्ट में केवल सड़कों और सार्वजनिक जगहों को नहीं देखा जाता. हवा कितनी साफ है, पानी की स्थिति कैसी है और कचरे का निपटारा कैसे किया जाता है, इन बातों को भी ध्यान में रखा जाता है. इसलिए साफ सड़कें होने के बाद भी कोई देश इस सूची में पहले नंबर पर नहीं आ पाता.

भारत किस नंबर पर है?

इस रिपोर्ट में भारत सबसे आखिरी स्थान पर है. देश में हवा और पानी का प्रदूषण, कचरे का सही तरीके से निपटारा और जंगलों को बचाना जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं. इस सूची में इन सभी बातों को ध्यान में रखा जाता है. इसलिए यह रैंकिंग केवल शहरों की सफाई के बारे में नहीं बताती, बल्कि यह भी दिखाती है कि पर्यावरण को बचाने के लिए किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है.

यह भी पढ़ें : 500 लोगों की करनी है दावत, जानिए कितना आएगा खाने का खर्च?