Gold Rules India: बढ़ते वैश्विक तनाव और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से 1 साल तक सोना ना खरीदने की अपील की है. इस बयान ने तुरंत पूरे देश में बहस छेड़ दी है. कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद सोना खरीदना कानूनी मुसीबत या फिर जुर्माने की वजह बन सकता है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

Continues below advertisement

प्रधानमंत्री की अपील 

प्रधानमंत्री की टिप्पणी का उद्देश्य एक आर्थिक अपील करना था कोई कानूनी रोक लगाना नहीं. भारत अपनी सोने की जरूरत का 90% से ज्यादा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. इसमें हर साल भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा देश के बाहर चली जाती है. ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है और वैश्विक अस्थिरता अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है सोने का इंपोर्ट कम करने से डॉलर भंडार को बचाने और भारतीय रुपये को मजबूती देने में मदद मिल सकती है. हालांकि सोना खरीदने और अपने पास रखने या फिर बेचने पर रोक लगाने वाला कोई भी कानून पेश नहीं किया गया है.

Continues below advertisement

भारत में सोना खरीदना पूरी तरह से कानूनी

मौजूदा भारतीय कानून के तहत नागरिकों को सोना खरीदने और अपने पास रखने की पूरी आजादी है. गहने, सोने के सिक्के, सोने की ईंट और डिजिटल सोने में निवेश कानूनी वित्तीय संपत्ति बने हुए हैं. लोग लाइसेंस प्राप्त जौहरी, बैंक या फिर अधिकृत डीलरों से बिना किसी आपराधिक कार्रवाई के डर के सोना खरीद सकते हैं. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति कानूनी तौर पर कितनी मात्रा में सोना अपने पास रख सकता है इसकी कोई तय ऊपरी सीमा नहीं है. बस शर्त यह है कि वह उस पैसे के स्रोत के बारे में बता सके जिससे सोना खरीदा गया है.

यह भी पढ़ेंः गौतम अडानी अपनी दौलत से कितना सोना खरीद सकते हैं, जान लीजिए हिसाब-किताब?

आयकर विभाग के नियम 

हालांकि सोना खरीदना कानूनी है लेकिन इसके बावजूद भी आयकर विभाग टैक्स चोरी और काले धन के लेन-देन को रोकने के लिए सोने के बड़े लेन-देन पर कड़ी नजर रखता है. अगर किसी व्यक्ति के पास सोने के साथ-साथ खरीद के वैध बिल और आयकर का प्रमाण भी है तो सोने की मात्रा चाहे कितनी भी हो कोई समस्या नहीं होती. समस्या तब होती है जब व्यक्ति यह नहीं बता पाता कि सोना कैसे हासिल किया है. शादीशुदा महिलाओं के पास 500 ग्राम, अविवाहित महिलाओं के पास 250 ग्राम और पुरुषों के पास 100 ग्राम तक सोना ऐसा है जिसकी खरीद के दस्तावेज मौजूद नहीं है तब भी कोई परेशानी नहीं होती.

कब लग सकता है जुर्माना? 

सिर्फ सोना खरीदने पर जुर्माना नहीं लगाया जाता. कार्रवाई तब होती है जब अधिकारियों को शक होता है कि सोना किसी ऐसी इनकम या फिर काले धन से खरीदा गया है जिसका खुलासा नहीं किया गया. अगर कोई व्यक्ति बड़ी मात्रा में सोना खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के जरिए के बारे में नहीं बात पाता तो टैक्स अधिकारी उस पर काफी भारी टैक्स और जुर्माना लगा सकते हैं.

यह भी पढ़ेंः देश की आजादी के समय कितना था Forex Reserve, तब से कितना हुआ इसमें इजाफा?