Bermuda Triangle: दशकों से बरमूडा ट्रायंगल ने गायब होते जहाज, लापता विमान और रहस्यमई ताकतों की कहानियों से इंसानी कल्पना को हवा दी है. किताबों से लेकर हॉलीवुड फिल्मों तक इसे अक्सर एक शापित जगह के तौर पर दिखाया गया है. ऐसा कहा जाता है कि यहां आधुनिक टेक्नोलॉजी भी फेल हो जाती है. लेकिन क्या यह रहस्य अंतरिक्ष तक भी फैला हुआ है? आइए जानते हैं कि क्या सच में सैटेलाइट भी बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से नहीं गुजर सकती.

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क्या सैटेलाइट बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से उड़ते हैं 

सैटेलाइट हर दिन बिना किसी दिक्कत के बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से गुजरते हैं. कम्युनिकेशन सैटेलाइट, मौसम सैटेलाइट और यहां तक की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भी अपनी सामान्य कक्षाओं के हिस्से के तौर पर लगातार इस क्षेत्र को पार करते हैं. बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर सैटेलाइट के लिए कोई नो फ्लाई जोन नहीं है. यह एक मिथक है कि सैटेलाइट इस इलाके से बचते हैं. 

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साउथ अटलांटिक एनोमली क्या है 

असली वैज्ञानिक मुद्दा समुद्र में नहीं बल्कि साउथ अटलांटिक एनोमली नाम के पास के क्षेत्र के ऊपर अंतरिक्ष में है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र सामान्य से कमजोर है. इस कमजोरी की वजह से अंतरिक्ष से चार्ज वाले कण पृथ्वी के करीब आते हैं. इससे सेटेलाइट के लिए रेडिएशन का खतरा बढ़ जाता है. 

जब सैटेलाइट इसके पास से गुजरते हैं तो उनके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में अस्थायी गड़बड़ी, डेटा खराब होना या फिर सेंसर बंद होने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. नुकसान से बचने के लिए कई सैटेलाइट को इस जोन को पार करते समय संवेदनशील उपकरणों को बंद करने के लिए प्रोग्राम किया जाता है. जरूरी बात यह है कि इस घटना का बरमूडा ट्रायंगल में जहाज या फिर विमान के गायब होने से कोई भी सीधा संबंध नहीं है.

क्या बरमूडा ट्रायंगल सच में खतरनाक है 

आधुनिक वैज्ञानिक डेटा से ऐसा पता चलता है कि बरमूडा ट्रायंगल दुनिया के महासागरों के कई दूसरे हिस्सों से ज्यादा खतरनाक नहीं है. असल में यह ग्रह के सबसे व्यस्त समुद्री और हवाई रास्तों में से एक है. यहां हर साल हजारों जहाज और उड़ान सुरक्षित रूप से गुजरती हैं.

मौसम और समुद्री धाराओं की भूमिका 

इस क्षेत्र में दुर्घटना होने की वजह प्राकृतिक भूगोल है. बरमूडा ट्रायंगल में अचानक तूफान, चक्रवात और तेजी से बदलते मौसम की स्थिति का खतरा रहता है. शक्तिशाली गल्फ स्ट्रीम इस जगह से होकर गुजरती है जो मलबे को दुर्घटना स्थल से काफी दूर ले जा सकती है. इससे रिकवरी और जांच करना काफी मुश्किल हो जाता है. जब मालबा नहीं मिला तो इसने अक्सर रहस्य को और ज्यादा बढ़ा दिया.

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