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जिस होटल में रुकेंगे शी जिनपिंग, कितना होगा उसका एक दिन किराया?

BRICS Summit 2026: दिल्ली इस वक्त 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि जिस होटल में शी जिनपिंग रुकेंगे उसका एक दिन का किराया कितना है.

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  • दिल्ली 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
  • चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताज पैलेस में; सुरक्षा हेतु तीन मंजिलें आरक्षित।
  • राष्ट्रपति पुतिन आईटीसी मौर्य में; दिल्ली के होटल महंगे हुए।

BRICS Summit 2026: दिल्ली 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रही है जिसमें 11 सदस्य देशों और 10 भागीदारी देशों के हेड ऑफ स्टेट और प्रतिनिधिमंडल के भाग लेने की उम्मीद है. प्रमुख अतिथियों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल हैं. आने वाले नेताओं के लिए हवाई अड्डे पर ट्रांसफर और सिक्योरिटी से लेकर आवास तक की व्यवस्था की गई है. शी जिनपिंग नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में रुकने वाले हैं. यह राजधानी के प्रमुख पांच सितारा संपत्तियों में से एक है.

ताज पैलेस में एक कमरे की कीमत कितनी है? 

ताज पैलेस वेबसाइट के मुताबिक कमरे का किराया श्रेणी और सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग होता है.  सुपीरियर रूम किंग बेड फॉरेस्ट एंड पूल व्यू की कीमत लगभग ₹22,500 प्रति रात है.

डिप्लोमैटिक एनक्लेव व्यू के साथ ताज क्लब रूम किंग बेड की कीमत लगभग ₹31,500 प्रति रात है. होटल ताज क्लब किंग बेड जूनियर सुइट भी प्रदान करता है. इसका रात्रि किराया लगभग ₹35,000 है.

इस वजह से चयनित श्रेणी के आधार पर ताज पैलेस में ठहरने की लागत प्रदान किए गए कमरे के रेट के आधार पर प्रति रात ₹22,500 और ₹35,000 के बीच हो सकती है. होटल में एक मेंबरशिप प्रोग्राम भी है जिसके जरिए से पात्र सदस्य कमरे के रेट पर छूट प्राप्त कर सकते हैं. इस वजह से अंतिम राशि कमरे की श्रेणी, बुकिंग शर्तों और लागू छूट के आधार पर अलग-अलग हो सकती है.


जिस होटल में रुकेंगे शी जिनपिंग, कितना होगा उसका एक दिन किराया?

सुरक्षा के लिए तीन मंजिलें बुक की गई 

कई हाई प्रोफाइल नेताओं की मौजूदगी की वजह से दिल्ली के लग्जरी होटल में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है. सुरक्षा वजहों से कथित तौर पर होटल की तीन पूरी मंजिलें कुछ नेताओं और उनके प्रतिनिधिमंडलों के लिए बुक की गई हैं.

मेहमानों की स्थिति के मुताबिक व्यवस्था की भी योजना बनाई गई है. प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ऊपरी मंजिलों के कमरों में रह सकते हैं और राज्य के प्रमुख निर्दिष्ट निचली मंजिलों पर रहेंगे. इस तरह की व्यवस्था का उद्देश्य होटल के अंदर कंट्रोल्ड सुरक्षा क्षेत्र को बनाना और आने वाले नेताओं के आसपास बेवजह की आवाजाही को कम करना है. 


जिस होटल में रुकेंगे शी जिनपिंग, कितना होगा उसका एक दिन किराया?

होटल के कमरों की भारी मांग 

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से दिल्ली के प्रमुख लग्जरी होटलों में कमरों की मांग भी बढ़ गई है. अगले सोमवार तक कई बड़ी संपत्तियों के कमरे लगभग पूरी तरह से बुक हो चुके हैं. उपलब्धता सीमित होने के साथ ही राजधानी के दूसरे पांच सितारा होटलों में कमरों के रेट भी बढ़ गए हैं. कुछ मामलों में शुल्क प्रति रात लगभग ₹40,000 तक पहुंच गया है. 

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दूसरे ब्रिक्स नेता कहां रह रहे हैं? 

दिल्ली के कई बड़े लग्जरी होटलों को आने वाले नेताओं और प्रतिनिधि मंडलों के लिए आवास व्यवस्था में शामिल किया गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आईटीसी मौर्य में रुकने की उम्मीद है. इसी के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए पास के ताज पैलेस में व्यवस्था की गई है. 

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्र प्रमुख के लिए लीला पैलेस को चुना गया है और मिस्र के प्रतिनिधिमंडल के शेरेटन होटल में रुकने की उम्मीद है. आवास व्यवस्था में शामिल दूसरी बड़ी संपत्तियों में ताज मानसिंह, आईटीसी मौर्य, लीला पैलेस, ताज पैलेस और द ओबेरॉय शामिल हैं.

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने दिल्ली के लग्जरी होटल क्षेत्र को हाई प्रोफाइल राजनयिक सभा की तैयारी के केंद्र में रखा है. पूरी मांझी ने सुरक्षा के लिए आरक्षित होने प्रतिनिधि मंडलों द्वारा समर्पित क्षेत्र पर कब्जा करने और कमरे की मांग तेजी से बढ़ने की वजह से शिखर सम्मेलन न सिर्फ दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है बल्कि राजधानी भर में आवास की उपलब्धता और होटल शुल्कों को भी प्रभावित कर रहा है.

यह भी पढ़ेंः अमेरिका ने जमीन के नीचे क्यों छिपा रखा है अपना तेल भंडार, जानें क्या है वजह?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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