BRICS आज दुनिया के सबसे बड़े और ताकतवर देशों के समूहों में से एक बन चुका है. शुरुआत में यह सिर्फ 5 देशों- ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका का समूह था, लेकिन पिछले कुछ सालों में इसमें कई नए देश जुड़ चुके हैं. अब BRICS में कुल 11 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, इंडोनेशिया और सऊदी अरब का नाम आता है. इसके साथ ही करीब 10 देशों को पार्टनर कंट्री का दर्जा भी दिया गया है. इतना बड़ा हो जाने के बाद अब सवाल उठता है कि आखिर दुनिया की कितनी ज़मीन और कितनी आबादी पर BRICS देशों का कब्जा है. आइए जानते हैं पूरे आंकड़े.

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कितनी जमीन पर है BRICS का कब्जा

जमीन के मामले में भी ब्रिक्स देशों का दबदबा बेहद मजबूत है. नए देशों के विस्तार के बाद अब ब्रिक्स के सदस्य देशों का क्षेत्रफल विश्व के कुल भूभाग का लगभग 30 प्रतिशत है. इस समूह में जमीन के लिहाज से सबसे बड़ी ताकत रूस है, जो क्षेत्रफल के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है. इसके अलावा ब्राजील, चीन और भारत जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले देश भी इस ब्लॉक का हिस्सा हैं. इतनी बड़ी जमीन का मतलब यह भी है कि दुनिया के एक-तिहाई प्राकृतिक संसाधन, जैसे खनिज, तेल, गैस और उपजाऊ कृषि भूमि, सीधे तौर पर इन ब्रिक्स देशों के नियंत्रण में आते हैं.

कितनी आबादी रहती है BRICS देशों में

अगर आबादी की बात करें तो ब्रिक्स समूह के पास दुनिया का सबसे बड़ा मानव संसाधन मौजूद है. सरकारी व अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, इस विस्तारित संगठन में दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी रहती है. यानी दुनिया का हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी ब्रिक्स देश का नागरिक है.  इस विशाल आबादी की सबसे बड़ी वजह यह है कि दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश-भारत और चीन इस समूह के संस्थापक हैं. इतनी बड़ी आबादी होने के कारण ब्रिक्स देश न केवल दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार हैं, बल्कि उनके पास सबसे बड़ी कामकाजी आबादी भी है.

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आर्थिक ताकत के मामले में भी आगे

सिर्फ ज़मीन और आबादी ही नहीं, आर्थिक मोर्चे पर भी BRICS देश काफी मजबूत स्थिति में हैं. परचेजिंग पावर पैरिटी यानी PPP के आधार पर देखा जाए तो BRICS देशों की कुल GDP दुनिया की कुल GDP का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि नॉमिनल GDP के लिहाज से यह हिस्सेदारी करीब 26 से 30 प्रतिशत के बीच बैठती है. हालांकि प्रति व्यक्ति आय के मामले में अभी भी BRICS देश विकसित देशों के मुकाबले पीछे हैं.

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