Bihar Elections: बिहार में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. सूबे की सियासत में यूं तो कई दिग्गज नेता मौजूद हैं और उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में हैं, लेकिन मौजूदा समय में बिहार की राजनीति नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द ही घूमती है. कहा जाता है कि बिहार के चुनावों में भले ही कोई भी पार्टी नंबर्स गेम में आगे निकल जाए, लेकिन सत्ता में वही आएगा जिधर नीतीश कुमार होंगे.
लंबे समय से बिहार की सत्ता पर काबिज नीतीश कुमार जितना अपनी सियासत के लिए जाने जाते हैं, उतनी ही छिपी उनकी निजी जिंदगी है. वह अपने परिवार को पॉलिटिक्स से दूर ही रखते हैं, यही वजह है कि उसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं. उनके जीवन में कुछ ऐसे लोग भी आए, जिन्होंने उन्हें नीतीश कुमार बनने में मदद की. इसी कड़ी में एक नाम आता है उनकी पत्नी का, जिनके मरने से बाद उनकी आखिरी इच्छा पूरी न कर पाने पर वह फूट-फूटकर रोए थे.
कौन थी नीतीश कुमार की पत्नी ?
नीतीश कुमार की जीवनसाथी का नाम था मंजू कुमारी सिन्हा. साधारण सी जिंदगी जीने वाले नीतीश कुमार अपनी जवानी के दिनों में पटना के एक स्कूल में पढ़ाने वाली स्कूल टीचर से इश्क कर बैठे थे. नीतीश कुमार और मंजू कुमारी की लव स्टोरी काफी दिलचस्प है. एक ओर जहां नीतीश कुमार ओबीसी कास्ट से बिलॉन्ग करते थे तो वहीं मंजू कुमारी सामान्य कायस्थ परिवार की लड़की थीं. इसके बावजूद दोनों ने इंटर-कास्ट मैरिज की थी. मंजू कुमारी और नीतीश कुमार का एक बेटा भी है जिसका नाम निशांत है. नीतीश के बेटे राजनीति से कोसों दूर रहते हैं. वह पेशे से एक इंजीनियर हैं और बीआईटी मिस्र से ग्रेजुएट हैं.
क्या थी नीतीश की पत्नी की आखिरी इच्छा?
नीतीश कुमार की पत्नी की मृत्यु साल 2007 में हुई थी. उस समय वह दिल्ली में रह रही थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पत्नी की आखिरी इच्छा थी कि वह अपने आखिरी समय में अपने पति के साथ समय बिताते हुए अपनी आखिरी सांसे लें, लेकिन अफसोस नीतीश कुमार उस समय बिहार के सीएम होने के कारण अपनी पत्नी के पास दिल्ली नहीं जा सके और उनकी आखिरी इच्छा पूरी नहीं कर सके. इसके बाद नीतीश की पत्नी का निधन हो गया. पत्नी की मौत पर नीतीश की हालत काफी खराब हो गई थी. वह अपनी पत्नी की अर्थी को उठाने से लेकर चिता तक ले जाने तक फूट-फूटकर रोए थे. नीतीश कुमार कई बार कहते हैं कि मैं उनकी आखिरी इच्छा भी पूरी नहीं कर पाया. इस बात का दुख और मलाल नीतीश कुमार को आज भी है.
