Bengal New CM 2026 : पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में इस बार बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पहली बार जबरदस्त जीत हासिल की है. वहीं तमिलनाडु में नई पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. इसके अलावा असम और पुडुचेरी में पुरानी सरकारों को फिर से मौका मिला है, जबकि केरल में नई सरकार बनी है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया है.

इतनी बड़ी जीत के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि पश्चिम बंगाल राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, फिलहाल बीजेपी ने किसी भी नाम का ऐलान नहीं किया है, इसलिए सस्पेंस बना हुआ है. लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि क्या पार्टी दूसरे राज्यों की तरह यहां भी कोई नया चेहरा सामने लाएगी या फिर किसी अनुभवी नेता को जिम्मेदारी दी जाएगी. अब सबकी नजर इसी फैसले पर टिकी हुई है कि बंगाल की कमान आखिर किसे सौंपी जाएगी. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि बीजेपी ने अब तक कितनी बार नए चेहरों को सत्ता की चाबी सौंपी है 

बीजेपी ने अब तक कितनी बार नए चेहरों को सत्ता की चाबी सौंपी है?

बीजेपी की राजनीति में अब एक नया पैटर्न साफ दिखाई दे रहा है. पार्टी अक्सर चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में ऐसे नेताओं को आगे करती है जो पहले से सबसे बड़े दावेदार नहीं होते हैं. बीजेपी ने कई बार नए या कम चर्चित चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया है, लेकिन हाल के वर्षों, खासकर 2023 के बाद यह ट्रेंड और ज्यादा साफ दिखाई देता है. इसका मकसद कई बार राज्य के बड़े नेताओं के प्रभाव को संतुलित करना, संगठन को मजबूत रखना और नई पीढ़ी को आगे लाना होता है. 

हाल के वर्षों में बीजेपी के नए चेहरे

1. राजस्थान - राजस्थान में बीजेपी की जीत के बाद सबको उम्मीद थी कि कोई अनुभवी नेता मुख्यमंत्री बनेगा, लेकिन पार्टी ने सबको चौंकाते हुए भजनलाल शर्मा को यह जिम्मेदारी दे दी. भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने थे, लेकिन लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे. उनके चयन से यह साफ हुआ कि बीजेपी सिर्फ चुनावी चेहरों पर नहीं, बल्कि संगठन में काम करने वाले नेताओं को भी बड़ा मौका दे रही है. 

2. मध्य प्रदेश - मध्य प्रदेश में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. यहां शिवराज सिंह चौहान जैसे अनुभवी नेता के बावजूद मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया. मोहन यादव एक ओबीसी नेता हैं और संगठन से जुड़े रहे हैं.

3. छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनाया, जो एक आदिवासी नेता हैं. यह फैसला पूरी तरह राजनीतिक माना गया क्योंकि राज्य में आदिवासी आबादी काफी बड़ी है. 

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4. उत्तराखंड - पुष्कर सिंह धामी को बीजेपी ने जुलाई 2021 में मुख्यमंत्री बनाया. उस समय उन्हें एक युवा और अपेक्षाकृत कम चर्चित नेता माना जाता था, क्योंकि राज्य की राजनीति में उनसे पहले कई वरिष्ठ और बड़े चेहरे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में थे.

5. गुजरात -भूपेंद्र पटेल को सितंबर 2021 में गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया, जो पहले बड़े दावेदारों में शामिल नहीं थे. 

6. दिल्ली - रेखा गुप्ता फरवरी 2025 में दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं. भाजपा के जमीनी स्तर के कैडर और संगठन में उनकी लंबी सेवा के कारण एक नया चेहरा बनीं. 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शालीमार बाग सीट से बड़ी जीत दर्ज की, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी. 

पश्चिम बंगाल में क्या हो सकता है?

बीजेपी के पिछले फैसलों को देखें तो यह माना जा सकता है कि पार्टी यहां भी कोई नया या कम चर्चित चेहरा सामने लाए. हालांकि, यह भी हो सकता है कि अनुभव को देखते हुए किसी बड़े नेता को जिम्मेदारी दी जाए. 

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