Balotra Refinery Fire: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन करने से ठीक-एक दिन पहले बालोतरा में पचपदरा रिफाइनरी में आग लग गई. एक यूनिट से उठते घने धुएं ने फायर सेफ्टी सिस्टम को चालू कर दिया. अधिकारियों ने स्थिति को कंट्रोल करने के लिए तुरंत कदम उठाए. इसी बीच लोगों का ध्यान एक बार फिर से एक बड़े सवाल की तरफ मुड़ गया है. बालोतरा रिफाइनरी से आखिर क्या फायदा होने वाला है और क्या यह राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करेगी? आइए जानते हैं. 

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राजस्थानी की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर 

पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफायनरी लिमिटेड परियोजना भारत के सबसे बड़े रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल परिसरों में से एक है. उम्मीद है कि यह पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगा. साथ ही यह एक बड़े पैमाने पर रेगिस्तानी क्षेत्र को एक औद्योगिक शक्ति केंद्र में बदल देगा. 

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क्या पेट्रोल और डीजल सस्ते होंगे? 

दरअसल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से वैश्विक कच्चे तेल की दर और VAT के साथ-साथ उत्पाद शुल्क जैसे सरकारी करों से प्रभावित होती हैं. भले ही रिफायनिंग स्थानीय स्तर पर हो, ये वजहें ही कीमतों को तय करने वाली प्रमुख कारक बनी रहती हैं.  हालांकि इनमें एक अच्छी बात भी है. स्थानीय रिफायनिंग से परिवहन लागत कम होगी. इसी के साथ वक्त के साथ-साथ उपभोक्ताओं को कुछ इनडायरेक्ट राहत मिल सकती है.

रोजगार के बड़े अवसर 

रिफाइनरी का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के मिलने वाले अवसर होंगे. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह परियोजना डायरेक्टर और इनडायरेक्ट दोनों तरह से लगभग 90,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगी. सिर्फ इसके निर्माण चरण के दौरान ही लगभग 25000 श्रमिकों को रोजगार मिला था. जैसे-जैसे यहां उद्योग बढ़ेंगे बालोतरा और आसपास के क्षेत्र एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकते हैं.

बुनियादी ढांचे का विकास 

यह उम्मीद की जा रही है कि इस रिफाइनरी से टैक्स और रॉयल्टी के जरिए राजस्थान सरकार को भारी राजस्व मिलेगा. इस आय को पूरे राज्य में विकास परियोजनाओं में फिर से निवेश किया जा सकता है. इन सबके अलावा इस परियोजना की वजह से बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, बिजली और जल आपूर्ति में पहले से ही सुधार हुआ है. इससे स्थानीय निवासियों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी.

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