Ayatollah Ali Khamenei Burial Delay : ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को 50 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उनके अंतिम संस्कार को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. यह स्थिति न सिर्फ असामान्य है, बल्कि दुनियाभर में चर्चा का विषय बन चुकी है. आमतौर पर इस्लामिक परंपराओं में किसी व्यक्ति को मृत्यु के बाद जल्द से जल्द दफनाया जाता है, लेकिन इस मामले में देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा खतरे, युद्ध जैसे हालात और बड़े जनसमूह के इकट्ठा होने से संभावित हमले की आशंका के कारण अंतिम संस्कार टलता जा रहा है. ऐसे में एक बड़ा सवाल उठता है कि आखिर किसी शव को बिना दफनाए क्या इतने दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि बिना दफनाए शव कितने दिन रखा जा सकता है और इसे कैसे प्रिजर्व किया जा सकता है. 

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शव को तुरंत दफनाना क्यों होता है जरूरी?

मृत्यु के तुरंत बाद शरीर में प्राकृतिक बदलाव शुरू हो जाते हैं. इसे डिकंपोजिशन (Decomposition) यानी विघटन प्रक्रिया कहा जाता है. इसमें शरीर की कोशिकाएं टूटने लगती हैं, बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं और धीरे-धीरे शरीर सड़ने लगता है.  गर्म मौसम, नमी और खुला वातावरण इस प्रक्रिया को और तेज कर देते हैं. इसलिए अगर शव को बिना किसी संरक्षण के छोड़ दिया जाए, तो वह 24 घंटे के अंदर ही खराब होने लगता है. 

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बिना दफनाए शव कितने दिन रखा जा सकता है

अगर किसी शव को बिना किसी विशेष तकनीक के रखा जाए, तो 24 घंटे के भीतर सड़न शुरू हो जाती है, गर्म इलाकों में यह प्रक्रिया और तेज होती है. लंबे समय तक रखना लगभग संभव नहीं होता है. इसलिए शव को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. 

इसे कैसे प्रिजर्व किया जा सकता है 1. रेफ्रिजरेशन (ठंडा रखना) - यह सबसे सामान्य और आसान तरीका है. इसमें शव को 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाता है. इससे सड़न की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. इसकी समय सीमा 1 से 2 हफ्ते होती है. यह तरीका अस्थायी रूप से शरीर को सुरक्षित रखने के लिए उपयोगी होता है.  2.  एम्बाल्मिंग (रासायनिक प्रक्रिया) - यह एक बड़ी तकनीक है जिसमें शरीर में केमिकल डाले जाते हैं. शरीर के अंदर विशेष तरल पदार्थ इंजेक्ट किया जाता है. यह सड़न को काफी हद तक रोक देता है. शरीर का स्वरूप भी कुछ समय तक सामान्य दिखता है. इसकी मदद से शव को 2 से 4 हफ्ते या उससे ज्यादा समय के लिए प्रिजर्व किया जा सकता है.  अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट या लंबे समय के लिए यह सबसे बेहतर तरीका माना जाता है.  3. ड्राई आइस और आइस पैक - बर्फ या ड्राई आइस का इस्तेमाल करके शरीर को ठंडा रखा जाता है.  इसकी समय सीमा 24 से 48 घंटे ही होती है. 

यह भी पढ़े -होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से क्या चीन में भी एलपीजी की किल्लत, वहां कितने दिन में मिल रहा सिलेंडर? 4. अन्य केमिकल प्रिजर्वेशन - कुछ मामलों में विशेष रसायनों का उपयोग किया जाता है, खासकर जब धार्मिक कारणों से एम्बाल्मिंग संभव न हो. 

लंबे समय तक शव कैसे सुरक्षित रह सकता है?

खामेनेई के मामले जैसे हालात में, जहां 50 दिन से ज्यादा समय हो चुका है, सिर्फ एक तकनीक से काम नहीं चलता. ऐसे में लगातार रेफ्रिजरेशन साथ में एम्बाल्मिंग नियंत्रित वातावरण इन सभी का इस्तेमाल किया जाता है.  विशेष परिस्थितियों में शव को कई हफ्तों या महीनों तक भी सुरक्षित रखा जा सकता है, लेकिन इसके लिए अत्याधुनिक सुविधाएं जरूरी होती हैं. 

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