टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक मैच में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक ने तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन चर्चा उनके प्रदर्शन से ज्यादा उनके गेंदबाजी एक्शन पर होने लगी. सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट तक एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या उनका बॉलिंग एक्शन नियमों के दायरे में है या फिर यह ‘चकिंग’ है? आखिर क्रिकेट में गेंद किस एंगल से फेंकी जानी चाहिए और कब बॉलिंग को चकिंग माना जाता है, आइए जान लेते हैं. 

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मैच से ज्यादा एक्शन पर चर्चा

ग्रुप-ए के मुकाबले में पाकिस्तान ने यूएसए को 32 रन से हराया. इस मैच में स्पिनर उस्मान तारिक ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट लिए. उनका प्रदर्शन टीम की जीत में अहम रहा. लेकिन मैच खत्म होते-होते सोशल मीडिया और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच बहस शुरू हो गई. कई लोगों ने उनके गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठाए और चकिंग का आरोप लगाया. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी पाकिस्तानी गेंदबाज के एक्शन पर सवाल खड़े हुए हों.

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चकिंग आखिर है क्या?

क्रिकेट में गेंदबाजी और थ्रो करने में साफ फर्क होता है. जब गेंदबाज गेंद रिलीज करते समय अपनी कोहनी को ज्यादा सीधा करता है या झटका देता है, तो इसे ‘थ्रोइंग’ कहा जाता है. आम भाषा में इसे चकिंग या भट्टा गेंदबाजी भी कहा जाता है.

ICC के नियमों के मुताबिक, गेंद फेंकते समय कोहनी का विस्तार 15 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए. यानी गेंदबाज अपनी कोहनी को थोड़ा बहुत मोड़ सकता है, क्योंकि यह प्राकृतिक हरकत है, लेकिन 15 डिग्री से अधिक सीधा करना अवैध माना जाएगा.

15 डिग्री नियम क्या कहता है?

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने बायोमैकेनिकल स्टडी के बाद यह सीमा तय की है. शोध में पाया गया कि हर गेंदबाज की कोहनी स्वाभाविक रूप से कुछ डिग्री तक मुड़ती और सीधी होती है. इसलिए 15 डिग्री तक की छूट दी गई है. अगर इससे ज्यादा विस्तार पाया जाता है, तो गेंदबाज का एक्शन संदिग्ध माना जाता है.

मैदान पर अगर अंपायर को शक होता है, तो वे गेंदबाज को रिपोर्ट कर सकते हैं. इसके बाद बायोमैकेनिकल टेस्ट होता है. अगर टेस्ट में एक्शन नियमों के खिलाफ पाया गया, तो खिलाड़ी पर तब तक प्रतिबंध लगाया जा सकता है जब तक वह अपना एक्शन सुधार न ले.

एंगल कैसे बनाते हैं गेंदबाज?

कई लोग समझते हैं कि ज्यादा मोड़कर गेंद फेंकने से स्विंग या टर्न मिलता है, लेकिन ऐसा नहीं है. तेज गेंदबाज एंगल बनाने के लिए क्रीज का इस्तेमाल करते हैं. इनस्विंग के लिए गेंदबाज क्रीज के करीब से गेंदबाजी करता है और सीम की दिशा बदलता है, ताकि गेंद बल्लेबाज की ओर अंदर आए. आउटस्विंग के लिए गेंदबाज वाइड ऑफ द क्रीज से गेंद डालता है, जिससे गेंद बाहर की ओर जाए.

स्पिन गेंदबाज कलाई और उंगलियों से गेंद को घुमाते हैं. वे गेंद की रोटेशन और स्पीड में बदलाव से टर्न पैदा करते हैं, न कि कोहनी को ज्यादा सीधा करते हैं.

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