Mango Export: भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और यहां की मशहूर किस्मों का मजा हर साल दर्जनों अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लिया जाता है. हालांकि जापान ने हाल ही में भारतीय आमों के इंपोर्ट पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी लेकिन इसके बावजूद भी भारतीय आमों की वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है. खाड़ी देश, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया के देश बड़ी मात्रा में भारतीय आमों का इंपोर्ट करते हैं.
दुनिया भर के बाजारों में पहुंचते हैं भारतीय आम
भारतीय आमों का निर्यात कई प्रमुख देशों में किया जाता है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, सऊदी अरब, कतर, कनाडा और जापान शामिल हैं. इनकी जबरदस्त मांग स्थानीय उपभोक्ताओं और विदेशों में रहने वाले बड़ी संख्या में भारतीयों से आती है.
अल्फोंसो आम का एक्सपोर्ट
अल्फोंसो आम आमतौर पर हापुस के नाम से जाना जाता है. यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में उगाया जाता है. अपनी बेहतरीन खुशबू, मुलायम बनावट और जबरदस्त मिठास के लिए मशहूर इस आम को आमों का राजा माना जाता है. अमेरिका और यूरोपीय बाजारों में इस आम की मांग काफी ज्यादा रहती है.
खाड़ी देश में केसर आम
केसर आम की खेती मुख्य रूप से गुजरात के जूनागढ़ और गिर क्षेत्र में की जाती है. इसका केसरिया रंग का गूदा, अनोखा स्वाद और रसीलापन इसे खाड़ी देशों और यूनाइटेड किंगडम के उपभोक्ताओं के बीच पसंदीदा बनाता है.
दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों में बंगनपल्ली का दबदबा
बंगनपल्ली आम को सफेदा आम के नाम से भी जाना जाता है. यह आंध्र प्रदेश से आता है और इसे जीआई टैग मिला हुआ है. अपने बड़े आकार और बिना रेशे वाले गूदे के लिए मशहूर इस आम की दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और मध्य पूर्व में काफी मांग है.
तोतापुरी आम भी मशहूर
तोतापुरी आम को उसकी खास तोते की चोंच जैसी शक्ल से आसानी से पहचाना जा सकता है. ताजे फल के तौर पर खाए जाने के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आम का गूदा, जूस और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट बनाने में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है.
लंगड़ा और दशहरी
उत्तरी भारत की पारंपरिक किस्में जैसे लंगड़ा और दशहरी आम विदेश में रहने वाले भारतीयों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं. इनका जाना पहचाना स्वाद और खुशबू इन्हें उन देशों में खास तौर पर लोकप्रिय बनाती हैं जहां भारतीय समुदाय बड़ी संख्या में रहते हैं.
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