Iran US Tensions: ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले के बढ़ते डर के बीच मध्य पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ चुका है. स्थिति तब और ज्यादा बिगड़ गई जब डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि एक और अमेरिकी विमान वाहक पोत क्षेत्र की तरफ बढ़ रहा है. इससे पहले से मौजूद बड़ी नौसैनिक उपस्थिति और ज्यादा बढ़ गई है. यूएसएस अब्राहम लिंकन के ओमान की खाड़ी में पहुंचने के साथ तेहरान पर हमले की संभावना एक बड़ी वैश्विक चिंता बन चुकी है. इसी बीच आइए जानते हैं कि ईरान पर हमले की आशंका के बीच किन देशों ने अपने एयर स्पेस बंद कर दिए हैं.

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव 

संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के पास अपनी सैन्य ताकत में काफी ज्यादा बढ़ोतरी की है. इसमें विमान वाहक पोत, लड़ाकू जेट और सहायक जहाज रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए गए हैं. वाशिंगटन ने यह संकेत दिया है कि उसका उद्देश्य ईरानी नेतृत्व पर दबाव डालना और शासन को कमजोर करना है. इससे संभावित रूप से आंतरिक राजनीतिक बदलाव हो सकता है. इन कदमों से पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ चुकी है. 

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हवाई क्षेत्र बंद और उड़ान प्रतिबंध 

बढ़ते तनाव के खतरे के बीच ईरान में 14-15 जनवरी 2026 को तेहरान फ्लाइट इनफॉरमेशन सहित अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था. हालांकि बाद में हवाई क्षेत्र को दोबारा से खोल दिया गया लेकिन वर्तमान में सिर्फ सीमित और कड़ी निगरानी वाली उड़ानों को ही अनुमति है. यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी में अचानक सैन्य कार्रवाई के जोखिम का हवाला देते हुए सभी एयरलाइन को 16 फरवरी तक ईरानी हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है.

एयरलाइन द्वारा रूट बदलाव

कई देशों की बड़ी एयरलाइनों ने अपने संचालन में बदलाव किया है. भारत, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस की एयरलाइनों में उड़ानों का रूट बदल दिया है या फिर उन सेवाओं को निलंबित कर दिया है जो सामान्य रूप से ईरानी हवाई क्षेत्र से गुजरती थी. इन बदलावों की वजह से उड़ान का समय लंबा हो चुका है और परिचालन लागत भी बढ़ गई है.

पड़ोसी देशों में स्थिति 

अब तक कतर, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान जैसे क्षेत्रीय केंद्रों ने आधिकारिक तौर पर अपने हवाई क्षेत्रों को बंद नहीं किया है. हालांकि वे घटनाक्रम पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. सावधानी के संकेत के रूप में अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर कतर में अल उदीद एयर बेस से कुछ गैर जरूरी संपत्तियों को स्थानांतरित कर दिया है.

क्या तेहरान पर अभी भी हमला हो सकता है 

लगातार राजनयिक प्रयासों के बावजूद सैन्य हमले का खतरा खत्म नहीं हुआ है. राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर ईरान की तरफ एक बड़े नौ सैनिक बेड़े की तैनाती की पुष्टि की है. यह कार्रवाई के लिए तैयारी का संकेत है. दूसरी तरफ ईरान ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है. ईरानी सेवा प्रमुख आमिर हातेमी ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब तेजी से और हिंसक तरीके से दिया जाएगा. पश्चिमी खुफिया एजेंसीज के आकलन से ऐसा पता चलता है कि अगर राजनयिक बातचीत फेल हो जाती है तो ईरान की परमाणु और मिसाइल सुविधाओं पर हमला लगभग तय है.

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