US Independence Day: दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका हर साल 4 जुलाई को अपना स्वतंत्रता दिवस बेहद धूमधाम से मनाता है. साल 1941 से इस खास दिन पर पूरे अमेरिका में नेशनल हॉलिडे घोषित किया जाता रहा है. लेकिन इतिहास के पन्ने पलटें तो एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला तथ्य सामने आता है. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार अमेरिका 2 जुलाई को ही आजाद हो गया था, फिर अमेरिकी नागरिक 4 जुलाई को अपनी आजादी का जश्न क्यों मनाते हैं? चलिए इसकी वजह जानें.
2 जुलाई की वोटिंग और आजादी का शुरुआती फैसला
अमेरिकी क्रांति के दौरान 13 ब्रिटिश उपनिवेशों के प्रतिनिधियों ने ब्रिटेन के दमनकारी शासन से अपने सारे संबंध तोड़ने का मन बना लिया था. इसके लिए बाकायदा 2 जुलाई 1776 को एक एतिहासिक मतदान किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से स्वतंत्रता प्राप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. तकनीकी और व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो इसी दिन अमेरिकी उपनिवेशों ने खुद को ब्रिटिश साम्राज्य के बंधनों से पूरी तरह से मुक्त घोषित कर दिया था. लेकिन इस बड़े फैसले को आधिकारिक और कानूनी रूप देने के लिए एक लिखित घोषणा पत्र की जरूरत थी, जिसने इतिहास की तारीख को हमेशा के लिए बदल दिया.
4 जुलाई को घोषणापत्र को मिली आधिकारिक मंजूरी
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद थॉमस जेफरसन और अन्य संस्थापकों के द्वारा तैयार किए गए स्वतंत्रता के विस्तृत घोषणा पत्र को लेकर चर्चा हुई. महाद्वीपीय कांग्रेस ने दो दिनों की गहन समीक्षा के बाद आखिरकार 4 जुलाई 1776 को इस ऐतिहासिक दस्तावेज को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह से अपना लिया. चूंकि इस अंतिम लिखित दस्तावेज पर बाकायदा 4 जुलाई की तारीख लिखी थी और इसी रूप में इसे जनता के सामने सार्वजनिक किया गया.
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दस्तावेद पर दर्ज तारीख ने बदला जश्न का दिन
यही मुख्य कारण है कि अमेरिका में 2 जुलाई के बजाय 4 जुलाई को ही असली स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया है. जब यह दस्तावेज पहली बार प्रिंट होकर जनता के बीच पहुंचा, तो उसके सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में 4 जुलाई 1776 लिखा हुआ था. इसके बाद से ही हर साल इसी तारीख को अमेरिकी स्वतंत्रता और उसके गौरवशाली इतिहास के प्रतीक के रूप में मनाते हैं. 18वीं शताब्दी से शुरू हुई यह परंपरा आज भी अटूट है और अमेरिकी नागरिक इसी दिन को परेड, आतिशबाजी और संगीत के साथ देशप्रेम से सबसे बड़े उत्सव के रूप में मनाते हैं.
