ओसामा बिन लादेन, आतंक का वो खूंखार चेहरा है, जिसने पूरी प्लानिंग के साथ अमेरिका में घुसकर हमला किया था. 11 सितंबर 2001 यही वह दिन है, जब ओसामा का नाम पूरी दुनिया में गूंजा था. इस हमले में अलकायदा ने चार हवाई जहाज का अपहरण कर लिया था और दो को न्यूयॉर्क शहर के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारत से टकरा दिया. एक ने पेंटागन को निशाना बनाया और चौथा विमान पेंसिलवेनिया में क्रैश हो गया था. इस आतंकी हमले में करीब 3000 लोगों की मौत हुई थी. अलकायदा की तरफ से यह सबसे घातक कार्रवाई थी. 

जब अमेरिका ने समंदर में डाली ओसामा की लाश

इस हमले के बाद अमेरिका ने सोच लिया था कि अब ओसामा को तो किसी भी हाल में छोड़ना नहीं है. यही वजह है कि उसने 2001 में अफगानिस्तान पर हमला कर दिया, क्योंकि यहां पर तालिबान ने ओसामा को शरण दी थी. तालिबान ने अमेरिकी सरकार को ओसामा को सौंपने से इनकार कर दिया था. फिर ओबामा के स्थान का पता लगाने के लिए अमेरिका ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी. अमेरिका को पता चला कि ओबामा पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपा बैठा है. बस फिर क्या था अमेरिका ने अपनी विशेष सेना के जरिए ओसामा का खात्मा किया. 

अमेरिका की नौसेना नेवी सील ने ओसामा की लाश को उठाकर समुद्र में फेंक दिया था. यह सब बताने के पीछे की मंशा यह है कि क्या भारत भी इसी तरह से पाकिस्तान में घुसकर आतंक का खात्मा कर सकता है? चलिए जानें. 

देश पर आंख उठाने वाले को मुंहतोड़ जवाब

पहलगाम हमले के बाद भारत के ज्यादातर नागरिक एक ही बात कह रहे हैं कि इस बार तो आर-पार की जंग हो जानी चाहिए और भारत को पाकिस्तान में घुसकर वार करना चाहिए. लोगों समेत राजनेताओं और विपक्ष का भी यह कहना है कि पाकिस्तान के घर में घुसकर वार करना चाहिए. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यह बात साफ कर चुके हैं कि देश के ऊपर आंख उठाने वाले को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. राजनाथ सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं और उनकी कार्यशैली से भी परिचित हैं. 

पाकिस्तान में घुसकर वार कर सकता है भारत

रक्षा मंत्री ने कहा कि जोखिम उठाने का भाव उन्होंने किस तरीके से सीखा है अपनी जिंदगी में, आप वह भी जानते हैं. आप लोग जैसा चाह रहे हैं, प्रधानमंत्री वैसा कर रहे हैं. राजनाथ सिंह की इस बात के मायने यह समझ में आ रहा है कि या तो पाकिस्तान में घुसकर कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई हो सकती है या फिर किसी और तरीके से बदला लिया जा सकता है, लेकिन बदला तो जरूर लिया जाएगा. और अमेरिका की तरह भारत भी आतंक के खात्मे के लिए पाकिस्तान में घुसकर कार्रवाई कर सकता है. बालाकोट एयरस्ट्राइक इसका एक साफ और सीधा उदाहरण है.

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