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कितने खतरनाक होते हैं अमेरिका के नेशनल गार्ड्स, भारतीय NSG कमांडो से ज्यादा ताकतवर या कम?

US National Guard: अमेरिका के नेशनल गार्ड्स और भारतीय NSG कमांडो दोनों ही अपने देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक बल हैं. लेकिन कौन ज्यादा शक्तिशाली है आज हम आपको यह बताते हैं.

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास बुधवार को एक गंभीर गोलीबारी की घटना हुई. इस हमले में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्य निशाने पर आए और उन्हें अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है. वाशिंगटन की मेयर म्यूरियल बोसर और FBI डायरेक्टर काश पटेल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे लक्षित हमला बताया है. घटना व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर हुई, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. आइए जानते हैं कि अमेरिका के नेशनल गार्ड्स कितने खतरनाक होते हैं.

अमेरिकी सुरक्षा का पहला कवच हैं नेशनल गार्ड्स

नेशनल गार्ड्स अमेरिका के राज्यों और संघीय सरकार के लिए रिजर्व फोर्स की तरह काम करते हैं. इन्हें सैन्य और नागरिक दोनों तरह के संकट में तैनात किया जाता है. प्राकृतिक आपदाओं जैसे तूफान, भूकंप या महामारी से निपटने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वहीं, युद्ध या आतंकवादी हमलों जैसी परिस्थितियों में भी ये सक्रिय हो सकते हैं.

नेशनल गार्ड्स की सबसे बड़ी ताकत उनकी बहु-उद्देश्यीय ट्रेनिंग है. ये सैनिकों की तरह लड़ते हैं, हाई-टेक हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर एलीट कमांडो मिशन को भी अंजाम दे सकते हैं.  इनमें सबसे खतरनाक यूनिट होती है स्पेशल फोर्स और काउंटर टेररिज्म टीम्स, जो आतंकी हमलों को रोकने और संकट प्रबंधन में विशेषज्ञ होती हैं.

भारतीय NSG- एलीट कमांडो और आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञ

भारतीय NSG, जिसे ब्लैक कैट कमांडो के नाम से भी जाना जाता है, सिर्फ आतंकवाद, होस्टेज बचाव और हाई-रिस्क ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है. इनकी ट्रेनिंग बेहद कठोर होती है और इनके पास सबसे एडवांस हथियार और उपकरण होते हैं. NSG कमांडो विशेष परिस्थितियों में तेज, सटीक और खतरनाक ऑपरेशन के लिए तैयार किए जाते हैं.

NSG का मिशन पूरी तरह आतंकवाद और हाई-रिस्क ऑपरेशन पर केंद्रित है, जबकि नेशनल गार्ड्स का कार्य अधिक व्यापक है जैसे- सामाजिक, सैन्य और आपदा प्रबंधन तक फैला हुआ है. 

ताकत, ट्रेनिंग और हथियारों की तुलना

  • ट्रेनिंग की बात करें तो NSG कमांडो ट्रेनिंग में शारीरिक और मानसिक सहनशीलता पर फोकस करते हैं.  नेशनल गार्ड्स भी युद्ध और संकट प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित हैं, लेकिन उनकी ट्रेनिंग राज्य और संघीय जरूरतों के हिसाब से बहु-उद्देश्यीय होती है.
  • NSG कमांडो के पास हाई-एंड हथियार, बम डिस्पोजल उपकरण और होस्टेज रेस्क्यू गियर होता है. नेशनल गार्ड्स को भी आधुनिक हथियार मिलते हैं, लेकिन उनका उपयोग आपातकालीन सैन्य या नागरिक मिशन में होता है.
  • अमेरिका के नेशनल गार्ड्स की संख्या लाखों में है और वे पूरे अमेरिका में फैले हैं. NSG की संख्या कम है, लेकिन ये विशेष ऑपरेशन के लिए अत्यधिक प्रशिक्षित हैं.

क्या है अंतर?

नेशनल गार्ड्स का काम विविध और व्यापक है. युद्ध, आपदा, आतंकवाद तीनों में इनकी तैनाती संभव है. इसके विपरीत, NSG का मिशन पूरी तरह आतंकवाद और हाई-रिस्क ऑपरेशन पर केंद्रित है.
इसलिए अगर ताकत, ट्रेनिंग और ऑपरेशन की विशेषज्ञता देखें, तो NSG कमांडो अत्यंत खतरनाक और तेज होते हैं, लेकिन संख्या, संसाधन और बहु-उद्देशीय क्षमता में नेशनल गार्ड्स का स्तर बड़ा और व्यापक है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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