आज जर्मनी के फ्रैंकपर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2030 की जयपुर एयरपोर्ट पर अचानक इमरजेंसी लैडिंग करनी पड़ी. दरअसल, हवा में उड़ान के दौरान पायलट ने मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल क्षेत्र में स्क्वाक कोड 7500 एक्टिवेट कर दिया था, जिसका अंतरराष्ट्रिय उड्डयन नियमों में सीधा मतलब विमान का अपहरण या अवैध हस्तक्षेप होता है. हालांकि, जांच के बाद यह अलर्ट एक फर्जी अफवाह साबित हुआ और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इस खबर के बाद आम लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उड़ान के दौरान पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अपनी परेशानी बताने के लिए किन कोड्स का इस्तेमाल करते हैं और इन अंकों का क्या अर्थ होता है. 

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क्या होते हैं विमान के ये खास कोड्स?

जब कोई प्लेन आसमान में उड़ रहा होता है, तो पायलट और जमीन पर बैठे ATC के बीच लगातार बातचीत होती रहती है. लेकिन कई बार आपातकालीन स्थितियां आ जाती हैं जब रेडियो पर लंबी बात करना मुमकिन नहीं होता या फिर कॉकपीट के पास समय बहुत कम होता है. ऐसी गंभीर स्थितियों में पायलट विमान के एक खास उपकरण, जिसे ट्रांसपोंडर कहा जाता है, के जरिए 4 अंकों के कुछ गुप्त कोड्स भेजते हैं. इन सीक्रेट इमरजेंसी सिग्नल्स को एविएशन की तकनीकी भाषा में स्क्वाक कोड्स कहा जाता है. 

कोड 7500, विमान हाईजैक होने का सबसे बड़ा सिग्नल

आज की एयर इंडिया फ्लाइट में पायलट द्वारा 7500 स्क्वाक कोड का इस्तेमाल किया गया था. अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, यह कोड केवल तभी दबाया जाता है जब विमान के भीतर कोई अपहरण या अनधिकृत कब्जा जैसी बेहद नाजुक स्थिति पैदा हो जाए. इस कोड के रडार पर दिखते ही सुरक्षा एजेंसियां और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड जैसी कमांडो टीमें तुरंत ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाती हैं.

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कोड 7600, जब जमीन से टूट जाए संपर्क

उड़ान के दौरान एक और सबसे गंभीर समस्या यह हो सकती है कि विमान का मुख्य रेडियो सिस्टम पूरी तरह खराब हो जाए और पायलट की आवाज ATC तक न पहुंच पाए. इस तकनीकी खराबी की स्थिति में पायलट 7600 स्क्वाक कोड को एक्टिवेट करते हैं. इस कोड को देखते ही ATC समझ जाता है कि प्लेन में सब कुछ ठीक है, लेकिन पायलट न तो हमारी बात सुन पा रहा है और न ही हमसे बात कर पा रहा है. 

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कोड 7700, मेडिकल या तकनीकी इमरजेंसी

अगर विमान के अंदर कोई बड़ी तकनीकी खराबी आ जाए, जैसे कि इंजन फेल हो जाना, विमान में आग लगना या फिर किसी यात्री की अचानक तबीयत बेहद गंभीर हो जाना, तो पायलट 7700 स्क्वाक कोड का इस्तेमाल करते हैं. यह कोड एक यूनिवर्सल डिस्ट्रेस सिग्नल है, जिसका सीधा मतलब होता है कि विमान को तुरंत और सबसे पहले किसी भी नजदीकी हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति दी जाए. 

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