जनवरी 2026 आते ही लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को लगा कि अब सैलरी अपने आप बढ़ जाएगी. सोशल मीडिया और दफ्तरों में चर्चाएं तेज रहीं कि 7वें वेतन आयोग की अवधि खत्म होते ही नया वेतन लागू हो जाएगा. लेकिन महीनों बीत गए, न सैलरी बढ़ी और न पेंशन में बदलाव दिखा. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर देरी क्यों हो रही है, पैसा कब मिलेगा और सरकार को कर्मचारियों का कितना एरियर देना पड़ सकता है? 

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8वें वेतन आयोग को लेकर भ्रम क्यों फैला

असल में हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू करने की परंपरा रही है. 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था. इसी आधार पर यह माना गया कि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग अपने आप लागू हो जाएगा. लेकिन यह सिर्फ एक अनुमान था. सच्चाई यह है कि वेतन बढ़ाने का कोई ऑटोमैटिक सिस्टम नहीं होता. 

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सैलरी अपने आप क्यों नहीं बढ़ती

वेतन आयोग की प्रक्रिया लंबी होती है. पहले सरकार वेतन आयोग का गठन करती है. इसके बाद आयोग कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन करता है. फिर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपता है. सरकार उन सिफारिशों पर विचार कर मंजूरी देती है. इसके बाद ही नई सैलरी स्ट्रक्चर लागू होती है. यही वजह है कि 7वें वेतन आयोग की मियाद खत्म होने से सैलरी अपने आप नहीं बढ़ी. 

जनवरी 2026 में क्या बदला और क्या नहीं

जनवरी 2026 में न तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ी और न ही पेंशनर्स की पेंशन में कोई बदलाव हुआ. सरकार की ओर से अब तक 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई अंतिम नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. इसलिए फिलहाल कर्मचारियों को पुरानी सैलरी और पेंशन ही मिल रही है.

8वां वेतन आयोग कब लागू हो सकता है

रिपोर्ट्स और पिछले अनुभवों को देखें तो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2026 की दूसरी छमाही या फिर 2027 की शुरुआत तक लागू हो सकती हैं. हालांकि इसमें देरी होने की स्थिति में भी कर्मचारियों को नुकसान नहीं होगा, क्योंकि कट-ऑफ डेट 1 जनवरी 2026 ही मानी जाएगी. 

एरियर क्या होता है और क्यों मिलेगा

एरियर उस अंतर की रकम होती है जो नई सैलरी लागू होने की तारीख और कट-ऑफ डेट के बीच बनती है. अगर 8वां वेतन आयोग बाद में लागू होता है, तो कर्मचारियों को पिछली तारीख से बढ़ी हुई सैलरी का पूरा फायदा दिया जाता है. यानी जितने महीनों की देरी होगी, उतने महीनों का एरियर एक साथ मिलेगा. 

एरियर का कैलकुलेशन कैसे होगा

मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा सैलरी 50,000 रुपये है और 8वें वेतन आयोग के बाद यह सैलरी बढ़कर 55,000 रुपये हो जाती है. यानी हर महीने 5,000 रुपये का अंतर बन रहा है. अगर आयोग मई 2027 में लागू होता है, तो जनवरी 2026 से अप्रैल 2027 तक कुल 15 महीने का एरियर बनेगा. ऐसे में 5,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से कुल एरियर 75,000 रुपये होगा. यही रकम कर्मचारी को एक साथ दी जाएगी.

पेंशनर्स को क्या फायदा मिलेगा

सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, पेंशनर्स को भी एरियर का लाभ मिलेगा. पेंशन की गणना नई सिफारिशों के आधार पर की जाएगी और कट-ऑफ डेट से लेकर लागू होने की तारीख तक का अंतर उन्हें एरियर के रूप में मिलेगा.

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