LPG Cylinder Booking: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से एलपीजी सप्लाई में कमी आ चुकी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने घरों पर दबाव कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत सभी राज्यों में 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई दोगुनी कर दी गई है. यह छोटे सिलेंडर कमी के समय में एक जरूरी विकल्प बन गए हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत कितनी है और कितने दिनों में इसकी बुकिंग की जा सकती है.

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5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत 

5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. रिफिल की कीमत अब लगभग ₹649 हो गई है.  पहले इसकी कीमत ₹598 थी लेकिन ₹51 की बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत में उछाल आया है. जो लोग फ्री ट्रेड एलपीजी कैटेगरी के तहत नया कनेक्शन लेना चाहते हैं उनके लिए शुरुआती कीमत ₹1,450 रुपए से ₹1,700 के बीच है. इसमें सिलेंडर, रेगुलेटर और पहली बार गैस भरवाना शामिल है. इसी के साथ कुछ स्थानीय बाजारों में खुले रिफिल ₹400 प्रति किलोग्राम तक की ऊंची दरों पर बेचें जा रहे हैं.

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तुरंत खरीदने का ऑप्शन 

5 किलोग्राम वाले सिलेंडर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आसानी से मिल जाता है. आम एलपीजी कनेक्शन के उलट इन सिलेंडरों को ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर या फिर चुनिंदा किराना दुकानों से लगभग तुरंत, सिर्फ 10 मिनट के अंदर ही खरीदा जा सकता है. खरीदारों को बस एक वैध आईडी दिखानी होती है और पते का कोई प्रमाण जरूरी नहीं होता. 

होम डिलीवरी में लगते हैं कुछ दिन 

अगर आप होम डिलीवरी चाहते हैं तो इस प्रक्रिया में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. बुकिंग ऑनलाइन या फिर आईवीआरएस के जरिए की जा सकती है. डिलीवरी में आमतौर पर 2 से 3 दिन लगते हैं.

बुकिंग के बीच इंतजार का समय 

जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने एक लॉक-इन पीरियड तय किया है. शहरी इलाकों में ग्राहकों को अगला ऑर्डर देने से पहले कम से कम 25 दिन इंतजार करना होता है. इसी के साथ ग्रामीण इलाकों में यह इंतजार का समय बढ़कर 45 दिन हो जाता है. 

प्रवासी मजदूर और छात्रों को फायदा 

5 किलोग्राम वाला फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर खासतौर पर प्रवासी मजदूर, छात्रों और उन लोगों की मदद के लिए शुरू किया गया था जिनके पास कोई पक्का पता नहीं है. आम एलपीजी कनेक्शन के लिए पते का सबूत देना जरूरी होता है.  इस शर्त को हटाकर सरकार ने खाना पकाने वाली गैस को ज्यादा आसानी से उपलब्ध करा दिया और ब्लैक मार्केट पर निर्भरता को कम किया है.

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