इंटरनेट की दुनिया हमेशा से ही अजीब और चौंकाने वाले कंटेंट से भरी रहती है. कभी कोई वीडियो वायरल होता है क्योंकि उसमें कोई मजेदार चीज होती है, कभी किसी वीडियो की लंबाई ही लोगों का ध्यान खींच लेती है. लेकिन हाल ही में यूट्यूब पर ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. इसे देखकर हर कोई सोच में पड़ गया है कि यह संभव कैसे है.

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यह वीडियो @ShinyWR नाम के चैनल पर अपलोड किया गया है. इसे देखने की कोशिश करने वाले लोग पहले तो केवल ब्लैक स्क्रीन देखते हैं. ना कोई आवाज, ना कोई सीन लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस वीडियो की लंबाई यूट्यूब पर 140 साल दिखाई देती है. क्या सच में वीडियो 140 साल लंबा है?

जब आप वीडियो पर क्लिक करते हैं, तो आप देखते हैं कि इसकी कुल अवधि 140 साल दिखाई देती है. लेकिन जैसे ही इसे प्ले करते हैं, यूट्यूब पर वीडियो का समय अचानक घटकर सिर्फ 12 घंटे रह जाता है यानी वीडियो की लंबाई सिर्फ नाम की होती है. इसमें कोई कंटेंट नहीं है, केवल ब्लैक स्क्रीन है.

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लोग इस रहस्यमयी वीडियो को देखकर चकित हैं. कई यूजर्स का मानना है कि यह यूट्यूब का टेस्ट वीडियो हो सकता है, लेकिन वीडियो की वास्तविक सच्चाई अब तक सामने नहीं आई है. 

वीडियो और चैनल का रहस्यमयी पहलू

इस वीडियो को और भी रहस्यमयी बनाने वाली बातें इसके डिस्क्रिप्शन और चैनल से जुड़ी हैं. वीडियो का डिस्क्रिप्शन कुछ अजीब-अरबी जैसे अक्षरों में लिखा गया है, जिसका अनुवाद है, आओ, मुझसे नर्क में मिलो. 

इसके अलावा चैनल का दावा है कि इसे नॉर्थ कोरिया से ऑपरेट किया जा रहा है. यही नहीं, इस चैनल पर और भी असामान्य रूप से लंबे वीडियो अपलोड हैं. जिनमें 294 घंटे और 300 घंटे तक चलने वाले वीडियो शामिल हैं. ऐसे वीडियो देखकर लोगों की जिज्ञासा और बढ़ जाती है. 

यूट्यूब पर लंबे वीडियो का इतिहास

यूट्यूब पर लंबे वीडियो अब नई बात नहीं हैं. सबसे लंबे वीडियो का रिकॉर्ड 2011 में Jonathan Harchick ने बनाया था, जिसकी लंबाई 596 घंटे थी. इसके अलावा 23 दिन लंबे वीडियो या सिर्फ 5 सेकंड के वीडियो को 19 घंटे तक खींचकर अपलोड करना भी यूट्यूब पर पहले देखा गया है.

लेकिन इस 140 साल लंबे वीडियो की बात कुछ अलग ही है. इस वीडियो में कोई आवाज़ या दृश्य नहीं है, केवल ब्लैक स्क्रीन है.  इसके बावजूद अब तक इसे लाखों लोग देख चुके हैं और हजारों कमेंट्स किए गए हैं. 

सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अटकलों का सिलसिला शुरू हो गया. कुछ लोगों का कहना है कि यह यूट्यूब की तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम है. कुछ इसे प्लेटफॉर्म के लिमिटेशन के साथ किया गया एक्सपेरिमेंट मान रहे हैं. वहीं कुछ लोग इसे एक डिजिटल टाइम कैप्सूल या Alternate Reality Game (ARG) का हिस्सा बता रहे हैं.

कुछ मजाक में इसे टाइम ट्रैवल का सबूत कह रहे हैं. यूजर्स चैनल मालिक को टाइम ट्रैवलर तक कहने लगे हैं. यूट्यूब की पॉलिसी के मुताबिक, किसी भी वेरिफाइड चैनल से अधिकतम 12 घंटे लंबा वीडियो ही अपलोड किया जा सकता है. ऐसे में 140 साल का वीडियो तकनीकी रूप से असंभव लगता है. लेकिन फिर भी यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है और इसे लेकर चर्चा लगातार जारी है. 

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