हिन्दी सिनेमा के सुपर स्टार, फिल्मों के शहंशाह, एंग्री यंगमैन और बिग बी के नाम से जाने वाले अमिताभ बच्चन एक ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है. अमिताभ अपने आप में एक ऐसी शख्सियत है, जिन्हे हर वर्ग का आदमी चाहे बच्चा हो या बुढा सभी इनको बेहद पसंद करते है. इनकी अदा, इनकी अवाज, इनकी एक्टिंग का तो हर कोई दिवाना हैं.
अमिताभ बच्चन एक जाने माने अभिनेता हैं. जिन्होंने अपनी जिन्दगी में बहुत मेहनत की हैं. आज वो अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर एक एसे मुकाम पर हैं. जहां सारे अभिनेता उस मुकाम तक पहुचने का सपना देखते हैं. अमिताभ बच्चन फिल्मो में आने से पहले एक शिपिंग कंपनी में नौकरी करते थे. एक दिन की बात है, अमिताभ बच्चन पिता हरिवंश राय बच्चन और मां तेजी के साथ दशद्वार में रहते थे. घर के नजदीक रानी बेतिया की एक कोठी थी. जिसका फाटक हमेशा बंद रहता था और एक दरबान वहां पहरा देता था.
अमिताभ इस कोठी के अंदर जाना चाहते थे. एक दिन अपने दो दोस्तों को लेकर वो दरबान के पास पहुंचे और कोठी के अंदर जाने के लिए कहने लगे. दरबान ने कहा कि अगर वो उसे चवन्नी दे देते हैं तो वह कोठी में जाने की इजाजत दे देगा. काफी सोच-विचार के बाद अमिताभ घर गए और उन्होंने ड्रेसिंग टेबल की दराज खोली, जिसमें उनकी मां तेजी खुल्ले पैसे डाल दिया करती थीं और चवन्नी चुराकर दरबान को दे दी.
दरबान ने चवन्नी ले तो ली, लेकिन कोठी में भेजने के बजाय डांट-डपटकर उन्हें वहां भगा दिया. अमिताभ बच्चन जब घर पहुंचे तो तेजी ने उनके गाल पर जोरदार थप्पड़ रसीद दिया. क्योंकि तेजी को पता चल चुका था कि अमिताभ जी ने दराज से चवन्नी चुराई है.
