बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार कहलाने वाले राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ने अपनी जिंदगी में कामयाबी का वो दौर देखा, जिसे जीना हर कलाकार का सपना होता है. फिल्म 'आराधना' (Aradhana) के बाद राजेश खन्ना रातों रात स्टार बन गए थे. इसके पहले राजेश एक दो फिल्मों में काम कर चुके थे लेकिन उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई थी फिल्म आराधना. हालांकि, इस फिल्म में काम करने के लिए राजेश खन्ना राजी नहीं थे.
दरअसल, जब डायरेक्टर शक्ति सामंत फिल्म 'आराधना' बनाने की तैयारी कर रहे थे तब वो इस फिल्म में किसी नए लड़के को लेना चाहते थे. राजेश खन्ना का काम डायरेक्टर शक्ति सामंत पहले ही देख चुके थे तो उन्हें लगा कि इस फिल्म में हीरो के किरदार के लिए वो फिट बैठेंगे. हालांकि, जब फिल्म के डायरेक्टर राजेश खन्ना से मिले और उन्हें कहानी सुनाई तो राजेश को पसंद नहीं आई क्योंकि फिल्म आराधना में उनका किरदार इंटरवल से पहले ही मर जाता है और डबल रोल काफी देर बाद शुरू होता है. इसी वजह से राजेश खन्ना ने इस फिल्म के ऑफर को ठुकरा दिया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'आराधना' के डायरेक्टर शक्ति सामंत, राजेश खन्ना को ही इस फिल्म में कास्ट करना चाहते थे. राजेश को मनाने के लिए डायरेक्टर ने उनसे ये तक कह दिया कि अगर ये फिल्म फ्लॉप भी हुई तो भी वो उन्हें पूरे पैसे देंगे क्योंकि शक्ति सामंत ने तय किया था कि फिल्म की रिलीज के बाद प्रोफिट के हिसाब से कलाकारों को हिस्सा भी देंगे. बहुत समझाने के बाद आखिरकार राजेश खन्ना इस फिल्म में काम करने के लिए राजी हो गए.
फिल्म 'आराधना' के बारे में राजेश खन्ना ने अपने के इंटरव्यू में कहा था, 'मैं इस फिल्म की शूटिंग तो कर रहा था लेकिन उस वक्त भी मुझे यही लग रहा था कि ये फिल्म मेरे लिए कुछ नहीं कर पाएगी.' वहीं, दूसरी तरफ फिल्म के डायरेक्टर को इसकी कहानी पर पूरा भरोसा था. जब ये फिल्म रिलीज हुई तो इसने बॉक्सऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए. इस फिल्म में राजेश खन्ना के साथ शर्मिला टैगोर ने मुख्य भूमिका निभाई थी.
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