शो ‘तुम हो ना’ में कंटेस्टेंट की कहानी सुन भावुक हुए राजीव खंडेलवाल, याद किया वो दर्दनाक दौर
टीवी और फिल्म एक्टर राजीव खंडेलवाल ने शो ‘तुम हो ना’ में एक कंटेस्टेंट की कहानी सुन अपने पिता के हार्ट अटैक और उस मुश्किल दौर को याद किया. एक्टर ने बताया कि उस समय वे अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे.

टीवी और फिल्म एक्टर राजीव खंडेलवाल इन दिनों अपने शो 'तुम हो ना' को लेकर चर्चाओं में है. इस कड़ी में शो में आई एक कंटेस्टेंट सरोज ने जब अपने पति के हार्ट अटैक के जुड़ा दर्दनाक अनुभव बताया, तो राजीव को अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर की याद आ गई. उन्होंने अपने पिता के हार्ट अटैक और उस दौरान महसूस किए गए डर, चिंता और बेबसी के बारे में खुलकर बात की.
पिता के हार्ट अटैक को याद कर भावुक हुए राजीव खंडेलवाल
राजीव खंडेलवाल ने कहा, 'साल 2005 में मेरे पापा को हार्ट अटैक आया था. उनकी हालत काफी गंभीर थी और डॉक्टरों ने तुरंत बायपास सर्जरी करने का फैसला किया था. जब मैं दिल्ली में अपने पिता के पास पहुंचा, तो वहां हर पल मेरे लिए बेहद भारी था.'
एक्टर ने कहा कि कई बार जिंदगी में ऐसे पल आते हैं, जब इंसान कुछ भी नहीं कर पाता और सिर्फ भगवान से प्रार्थना करता रह जाता है.
अपने अनुभव को याद करते हुए राजीव ने कहा, 'मुझे आज भी वो पल साफ-साफ याद है, जब डॉक्टर मेरे पापा को ऑपरेशन थिएटर के अंदर ले जा रहे थे. वे बेहोश थे और मैं सिर्फ दरवाजे के पास खड़ा होकर उन्हें देख रहा था. उस समय मेरे मन में हजारों सवाल चल रहे थे. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं मैं सिर्फ यही सोच रहा था कि इस दरवाजे के बंद होने के बाद क्या होगा. ये डर आज भी मुझे याद है.'
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बाहर से मजबूत, अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे, राजीव खंडेलवाल
उन्होंने कहा, ''वह पल उनकी जिंदगी के सबसे डरावने पलों में से एक था. जब किसी अपने की जिंदगी खतरे में होती है, तब इंसान खुद को बेहद असहाय महसूस करता है. मेरे लिए वह एक ऐसा समय था, जब मुझे अपने पिता को खोने का डर सताने लगा था. उस दिन मैंने पहली बार जिंदगी की असली नाजुकता को महसूस किया था.'
राजीव खंडेलवाल ने कहा, 'अस्पताल के बाहर इंतजार करना और हर मिनट किसी खबर का इंतजार करना बेहद मुश्किल होता है. परिवार के लोग बाहर से चाहे कितने भी मजबूत दिखें, लेकिन अंदर से वे पूरी तरह टूट चुके होते हैं. ऐसे अनुभव इंसान को जिंदगी की अहमियत समझा देते हैं और परिवार के करीब ले आते हैं.'
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