'अनुपमा' के 'बापूजी' को मिला देश का बड़ा सम्मान, राष्ट्रपति ने अरविंद वैद्य को 'पद्म श्री' से नवाजा
एक्टर अरविंद वैद्य को उनके 60 साल के शानदार अभिनय और थिएटर योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया. इस दौरान उनका परिवार खुशी से भावुक नजर आया.

टीवी शो 'अनुपमा' दर्शकों के पसंदीदा सीरियल्स में से एक हैं. शो के हर किरदारों को भी खूब पसंद किया जाता हैं. शो में बापूजी का किरदार निभाने वाले अरविंद वैद्य पिछले 60 सालों से इंडस्ट्री का हिस्सा बन हुए हैं. इसी बीच उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 'पद्म श्री' अवार्ड से नवाजा गया हैं, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि हैं.
अरविंद वैद्य को मिला पद्म श्री
सोमवार को राष्ट्रपति भवन में हुए इस सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सम्मानित किया और ये पुरस्कार दिया. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं. साथ ही अरविंद वैद्य की पत्नी और बेटी वंदना भी इस सम्मान समारोह का हिस्सा बनीं. जब अरविंद को पद्म श्री देने के लिए मंच पर बुलाया गया, तो उनके परिवार की खुशी देखने लायक थीं.
बेटी ने जताया प्यार
उनकी बेटी वंदना ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता को मिले इस सम्मान को लेकर खुशी जताते हुए लिखा, 'श्री अरविंद वैद्य से पद्म श्री अरविंद वैद्य बनने तक का सफर. मेरे पापा, मेरे हीरो, मेरे पहले गुरु, मेरी प्रेरणा और मेरे सुपरस्टार को बहुत-बहुत बधाई.'

अरविंद वैद्य ने जताई खुशी
इसके अलावा अरविंद वैद्य ने टाइम ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा, 'मैं पिछले 60 सालों से थिएटर, टीवी और फिल्मों में काम कर रहा हूं. मैंने उस दौर में भी काम किया है जब टीवी नहीं हुआ करता था. जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन सफर हमेशा अच्छा रहा. ये सम्मान मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है. मैंने कभी इस अवॉर्ड की उम्मीद नहीं की थी. मुझे हमेशा सिर्फ दर्शकों का प्यार चाहिए था और वो मुझे हमेशा भरपूर मिला. मुझे जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है. मेरी पत्नी, बच्चे अच्छे हैं और मेरे दोस्त भी शानदार हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'थिएटर, फिल्मों और टीवी में जिन प्रोड्यूसर्स के साथ मैंने काम किया, वे भी मेरे दोस्त बन गए. मैंने जिंदगी में एक्टिंग और पत्नी के बिना नहीं रह सकता. पद्म श्री मिलना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है और ये एहसास बेहद खास है. इसके लिए मैं सबसे पहले भगवान का धन्यवाद करता हूं. मेरे गुरु रामभाऊ जोशी और जसवंत ठाकेर ने मुझे सिखाया और तैयार किया. मैं अपनी पत्नी, बच्चों और दोस्तों ने मेरी जिंदगी में योगदान दिया. मैं भारत सरकार का भी आभार व्यक्त करता हूं.'
1960 से शुरू हुआ करियर
बता दें कि अरविंद वैद्य 1960 के दशक में थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की थीं. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और टीवी शोज में काम किया. साथ ही 200 से ज्यादा नाटकों का निर्देशन किया. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से इतने सालों तक जुड़े रहना और पद्म श्री जैसे अवॉर्ड से सम्मानित होना उनके और परिवार के लिए किसी जश्न से कम नहीं हैं.
























