थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' का इंतजार उनके चाहने वाले बेसब्री से कर रहे हैं. 9 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म को भारत में रिलीज से ठीक पहले मुश्किलों में फंस गई है. इसकी वजह से इसकी रिलीज डेट अब टाल दी गई है. मलेशियाई डिस्ट्रीब्यूशन मलिक स्ट्रीम्स कॉर्पोरेशन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 'अनएक्सपेक्टेड सरकमस्टेंसस' की वजह से 9 जनवरी 2026 को होने वाली फिल्म की रिलीज अब आगे बढ़ा दी गई है.
फिल्म अपने तय तारीख पर रिलीज नहीं होगी. प्रोडक्शन टीम से नई रिलीज डेट का इंतजार किया जा रहा है. जैसे ही डेट फाइनल होगी.इसकी आधिकारिक घोषणा उनके प्लेटफॉर्म पर की जाएगी.
फैंस के लिए लिखा खास मैसेज
फिल्म टीम ने फैंस से भी एक अहम संदेश साझा किया. उन्होंने कहा कि कोई भी 'गलत या अफवाह वाली जानकारी' साझा न करें. टीम ने अपील है कि इस बीच सभी फैंस और सपोर्टर्स धैर्य बनाए रखें और पॉजिटिव रहें. कृपया किसी भी अनऑफिशियल सोर्स से मिली जानकारी पर भरोसा न करें.'
फिल्म टीम ने आगे कहा कि अभी कई तैयारियां चल रही हैं और वे फैंस से समझदारी और सहयोग की उम्मीद करते हैं.
जानिए कोर्ट ने क्या कहा'जन नायकन' थिएटर्स में रुख करने के लिए तैयार है, लेकिन इसकी राह में सेंसर बोर्ड रोड़ा बन गया. दरअसल, सीबीएफसीने अभी तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है जिसके कारण निर्माताओं को मद्रास हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा. इसके बाद 'जन नायकन' सेंसर विवाद पर मद्रास हाई कोर्ट ने केवीएनप्रोडक्शंस द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई की. इस याचिका में फिल्म के लिए सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने में हो रही देरी का मामला उठाया गया था.
फिल्म 'धार्मिक भावनाओं को पहुंचाती है ठेस मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार, 6 जनवरी को 'जन नायकन' सेंसर विवाद पर सुनवाई की. कोर्ट में पेश होते हुए प्रोडक्शन हाउस के वकील ने दलील दी कि फिल्म यू/ए सर्टिफिकेशन के लिए सही है और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को पहले ही सुलझा लिया गया है. जब याचिका पर सुनवाई हुई, तो जस्टिस पी टी आशा ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से मौखिक रूप से बुधवार को उस 'शिकायत' की कॉपी पेश करने को कहा, जिसमें दावा किया गया था कि फिल्म 'धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है.'
