20 रुपये की दिहाड़ी से 50 करोड़ की हिट तक, रजनीकांत के फैन ने बदली अपनी किस्मत
फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाना आसान नहीं होता और सूरी ने भी इसके लिए लंबा स्ट्रगल किया है. कभी 20 रुपये की दिहाड़ी पर काम करने वाले सूरी आज तमिल सिनेमा के जाने-माने लीड एक्टर्स में शामिल हैं.
फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना हर कलाकार के लिए आसान नहीं होता. कई सितारे ऐसे हैं, जिन्होंने पर्दे पर आने से पहले जिंदगी में खूब स्ट्रगल किया और छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा किया. तमिल सिनेमा के मशहूर एक्टर सूरी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. आज वो लीड एक्टर के तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब वो महज 20 रुपये रोज की दिहाड़ी पर काम किया करते थे. उन्होंने फिल्मों में कई साल तक छोटे और सपोर्टिंग रोल किए. इस दौरान उन्हें कई बार मुश्किल हालात और अपमान का भी सामना करना पड़ा.
कभी 20 रुपये थी एक दिन की कमाई
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1993 में सूरी तिरुपुर में अपने दोस्तों के साथ अलग-अलग छोटे-मोटे काम किया करते थे. उनकी रोज की कमाई सिर्फ 20 रुपये थी. हफ्ते के 140 रुपये मिलते थे, जिनमें से 70 रुपये उन्हें घर भेजने पड़ते थे. हालात इतने मुश्किल थे कि वो 1.25 रुपये का नारियल बन भी नहीं खरीद पाते थे. कई बार सिर्फ चाय पीकर ही गुजारा करना पड़ता था.
रजनीकांत के फैंस हैं सूरी
सूरी का असली नाम रामलक्ष्मणन मुथुचामी थेवर है. वो सुपरस्टार रजनीकांत के बहुत बड़े फैन रहे हैं. रजनीकांत की 1991 में आई मणिरत्नम की फिल्म 'थलपति' के किरदार से इंप्रेस होकर उन्होंने अपना नाम सूरी रख लिया था. आगे चलकर इसी नाम से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में पहचान मिली.
दीवारों पर पेंटिंग करने से फिल्मों तक का सफर
फिल्मों में काम मिलने के बाद भी सूरी के लिए चीजें तुरंत आसान नहीं हुईं. उन्होंने लंबे समय तक छोटे-मोटे और बिना क्रेडिट वाले रोल किए. फिल्मों में आने से पहले वो दीवारों पर पेंटिंग तक किया करते थे. गीतकार पा विजय ने एक कार्यक्रम के दौरान उनके स्ट्रगल को याद करते हुए बताया था कि कभी सूरी रस्सी के सहारे दीवारों पर पेंट किया करते थे और आज वही सिनेमा उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है.

इस फिल्म से मिली सूरी को पहचान
सूरी करीब 1998 से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें असली पहचान काफी सालों बाद मिली. शुरुआत में उन्होंने फिल्मों में छोटे-मोटे और सपोर्टिंग रोल किए और लंबे समय तक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करते रहे. साल 2009 में आई फिल्म 'वेन्निला कबड्डी कुझु' उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. फिल्म में उनके 'परोट्टा' वाले सीन दर्शकों के बीच काफी पॉपुलर हुए और उनके कॉमिक अंदाज को खूब पसंद किया गया. इसके बाद लोग उन्हें 'परोट्टा सूरी' के नाम से पहचानने लगे.
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जब सेट पर करना पड़ा अपमान का सामना
सूरी ने अपने करियर में आर्थिक तंगी के साथ-साथ सेट पर अपमान भी झेला है. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि एक बड़े कॉमेडियन और सुपरस्टार के साथ शूटिंग के दौरान उनसे अचानक शर्ट उतारने के लिए कहा गया. उनका शर्ट कॉस्ट्यूम वैन में फेंक दिया गया और वो कमर पर सिर्फ तौलिया लपेटकर सेट पर खड़े रह गए. इसी दौरान उनके किरदार की जगह किसी और कलाकार के साथ सीन शूट कर लिया गया.
'विदुथलाई' ने बदल दी पूरी जिंदगी
सूरी की किस्मत साल 2023 में उस वक्त बदली, जब डायरेक्टर वेत्रिमारन ने उन्हें 'विदुथलाई: पार्ट 1' में कॉन्स्टेबल कुमारेशन का लीड रोल दिया. अब तक सूरी को ज्यादातर कॉमेडी और सपोर्टिंग किरदारों में ही देखा गया था, लेकिन इस फिल्म में उन्होंने अपनी एक्टिंग का एक बिल्कुल अलग अंदाज दिखाया. उनके काम की दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स ने भी खूब तारीफ की. बतौर लीड एक्टर उनकी पहली फिल्म 'विदुथलाई: पार्ट 1' ने दुनियाभर में करीब 53 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. इसके बाद 'विदुथलाई: पार्ट 2' में भी उन्होंने कुमारेशन का किरदार निभाया, जिसने करीब 55 करोड़ रुपये की कमाई की.
अब दे रहे हैं 50 करोड़ से ज्यादा की हिट
'विदुथलाई' के बाद सूरी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, उनकी फिल्म 'गरुड़न' ने करीब 59.50 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया, जबकि 'मामन' ने लगभग 50.75 करोड़ रुपये कमाए.

जिस एक्टर ने कभी 20 रुपये की दिहाड़ी के लिए मेहनत की, नारियल बन तक नहीं खरीद पाता था और सालों तक छोटे किरदार करता रहा, वही सूरी आज तमिल सिनेमा में बतौर लीड एक्टर अपनी अलग जगह बना चुके हैं. रजनीकांत के फैन के तौर पर शुरू हुआ उनका सफर आज उन्हें खुद एक पहचाना हुआ नाम बना चुका है.
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