राइज एंड फॉल का सीजन 2 खूब सुर्खियों में छाया हुआ है. इस शो के हालिया एपिसोड में शहजाद पूनावाला और सिवेत तोमर के बीच पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई हो गई. जिसते बाद सिवेत को ‘नो वॉयलेंस’ रूल के तहत शो से बाहर कर दिया गया. लेकिन बाहर आते ही सिवेत ने इंस्टाग्राम पर लाइव पर आकर पूरी कहानी अपने अंदाज में सामने रख दी. इस दौरान  सिवेत ने कहा कि वह हिंसा को जस्टिफाई नहीं कर रहे, लेकिन लड़ाई से पहले करीब 20 मिनट तक उन्हें जाति, धर्म और टैटू को लेकर लगातार प्रोवोक किया गया. उन्होंने शहजाज पूनावाला पर कई आरोप लगाए और कहा कि वे गले में रूद्राक्ष पहन दिनभर मटन खाते हैं.

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‘दिनभर हनुमानजी का नाम, फिर थाली में मटन क्यों?’शहजाद पर निशाना साधते हुए सिवेत ने कहा कि वह दिनभर हनुमानजी का नाम लेते हैं, लेकिन दिन में चार बार उनकी थाली में मटन होता है. उन्होंने कहा कि गले में रुद्राक्ष पहनने से कोई सनातनी नहीं हो जाता. सिवेत ने दावा किया कि तेज प्रताप यादव ने भी शहजाद से सवाल किया था कि पूरा दिन हनुमानजी का नाम लेने के बावजूद उनकी थाली में चिकन-मटन क्यों होता है.

‘मेरी जाति पर बार-बार क्यों बोला गया?’सिवेत के मुताबिक, शहजाद ने करीब 20 मिनट तक उन्हें जाति को लेकर प्रोवोक कियाय उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले हाथ नहीं उठाया, बल्कि धक्का दिया, जिसके बाद शहजाद नीचे गिरे और उनके कपड़े खींचने से फट गए. सिवेत ने सवाल किया कि उनकी जाति को बार-बार बातचीत में क्यों लाया गया. उन्होंने कहा, ‘या मुझे किसी ऐसी जाति में पैदा होना पड़ेगा जिसके बारे में तुम बोलो तो तुम पर केस हो जाए? या मैं गलत इसमें पैदा हो गया?’

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उन्होंने यह भी दावा किया कि शहजाद ने उनके महादेव वाले टैटू को लेकर भी टिप्पणी की और पूछा कि वह अपने धर्म के लिए खड़े क्यों नहीं होते.

 

‘अगर स्वरा के खिलाफ थे तो मेरा नाम क्यों लिया?’सिवेत ने शहजाद से सवाल किया कि अगर वह स्वरा के खिलाफ थे तो टेबल पर सीधे स्वरा का नाम क्यों नहीं लिया. उनका कहना था कि शहजाद स्वरा के खिलाफ बातें कर रहे थे, लेकिन जब स्वरा ने सिवेत का नाम लिया तो शहजाद ने भी उनका नाम लिया. सिवेत ने शहजाद के पॉलिटिकल स्टैंड पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 2017 से पहले वह कांग्रेस के समर्थन में बोलते थे और बीजेपी में आने के बाद बीजेपी के समर्थन में बोलने लगे.

‘मैं हिंसा को जस्टिफाई नहीं कर रहा’सिवेत ने साफ कहा कि ‘नो वॉयलेंस’ रूल के तहत उन्हें बाहर किया गया और उन्होंने फैसला स्वीकार कर लिया. लेकिन उनका सवाल था कि अगर हिंसा के खिलाफ रूल था, तो पॉलिटिक्स और रिलिजन पर बात करने के नियम का पालन क्यों नहीं हुआ. उन्होंने रियलिटी शोज के मेकर्स से कहा कि अगर पॉलिटिकल और रिलिजियस बातें नहीं करनी हैं तो ऐसे लोगों को शो में क्यों लाया जाता है जो बार-बार इन्हीं मुद्दों पर बात करते हैं.

‘स्वरा ने सॉरी बोला, मेरे लिए बात वहीं खत्म’सिवेत ने कहा कि स्वरा ने माफी मांग ली थी, इसलिए उनके लिए वह विवाद वहीं खत्म हो गया. उन्होंने कहा कि वह स्वरा से दूरी रखेंगे, लेकिन उनसे दोबारा झगड़ा करने की कोई वजह नहीं है. आखिर में सिवेत ने कहा कि सिर्फ रिलिजन की बात करके कोई नेशनलिस्ट नहीं बन सकता. उनके मुताबिक, हिंदू, मुस्लिम, क्रिश्चियन और सिख सभी देश के लिए काम कर रहे हैं.

सिवेत तोमर कौन हैं?सिवेट तोमर एक मॉडल और रियलिटी टीवी स्टार हैं, जिन्होंने MTV रोडीज़, MTV स्प्लिट्सविला और 'द 50' जैसे कई शो में हिस्सा लिया है. वह एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर भी हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 5 लाख से ज़्यादा फॉलोअर्स हैं.

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिवेट उत्तराखंड के देहरादून से हैं और उनका जन्म 3 जुलाई 1998 को हुआ था. टेलीविज़न की दुनिया में कदम रखने से पहले, उन्होंने 2018 में 'मिस्टर देहरादून' का खिताब भी जीता था. 2023 में एमटीवी रोडी: कर्म या कांड में फर्स्ट रनर-अप रहने के बाद वे एक जाने-माने रियलिटी टीवी स्टार बन गए.