Samar Jha Youtuber Success Story: सोशल मीडिया के जमाने में हर कोई इसका फायदा उठाकर पैसे कमाने की होड़ में लगा है. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स खासकर यूट्यूब आज के दौर में पैसा कमाने का एक आम जरिया बन गया है. गांव से लेकर शहर तक, बच्चों से लेकर बूढ़े तक, यूट्यूब पर वीडियो बनाकर खूब नोट छापे हैं और सोशल मीडिया ने उनकी जिंदगी ही बदल डाली है.
आज हम आपको एक ऐसे ही यूट्यूबर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने यूट्यूब के जरिए खूब पैसा कमाया और तरक्की की है. बिहार के मधुबनी का रहने वाला ये यूट्यूबर अब तक वीडियो बनाकर लाखों रुपए कमा चुका है. ये यूट्यबर समर झा हैं जिनका mytipstv के नाम से एक यूट्यूब चैनल हैं और इसके फिलहाल डेढ़ मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं.
सरकारी स्कूल से की पढ़ाईसमर झा मधुबनी के गांव चांदपुरा के रहने वाले हैं जो कि यूट्यूब पर मोटिवेशनल और रिलेशनशिप बेस्ड कंटेंट बनाते हैं. जोश टॉक्स पर बात करते हुए समर झा ने अपनी यूट्यूब सक्सेस स्टोरी शेयर की थी. समर ने बताया था कि वे बिहार के सरकारी स्कूल से पढ़े जहां कई-कई दिनों तक ब्लैकबोर्ड खाली रहता था. स्कूल में टीचर्स पढ़ाते ही नहीं थे.
एग्जान की फीस भरने के नहीं थे पैसेसमर एक जॉइंट फैमिली का हिस्सा हैं और उनके घर में 12 लोग थे. उनके दादा जी की पेंशन से उनके घर का गुजारा होता था. समर हमेशा से शर्मिले किस्म की शख्सियत थे और लोगों से दूर रहते थे. उन्होंने बताया कि कैसे एक बार उनके पास एग्जाम की फीस के पैसे नहीं थे और उनकी किसी ने मदद नहीं की.
दाल-चावल बेचकर भरी फीससमर ने कहा- 'मुझे एक वाक्या याद आता है, एक बार मेरे पास एग्जाम की फीस भरने के पैसे नहीं. मैंने मां से मांगा, चाचा से मांगा, दादी से मांगा लेकिन किसी के पास नहीं थे. फिर मेरी मां को खाने के लिए जो चावल-दाल मिलते थे, मेरी मां ने मुझे वो दिया और मैंने उसे बेचकर फीस भरी.'
10वीं पास करने पर मिले 10 हजारदादी की मौत के बाद समर मधुबनी से दरभंगा आ गए. उनके पिता की सैलरी महज 7 हजार रुपए थी और उसी में जिंदगी गुजर रही है. फिर समर ने फर्स्ट डिवीजन से 10वीं पास की और बिहार सरकार ऐसा करने वालों को 10 हजार रुपए देती है. समर ने इन्हीं पैसों से स्मार्टफोन खरीदा और यहीं से उनकी जिंदगी बदली.
समर ने कहा- 'मुझे सभी ने कहा कि मैंने मोबाइल खरीद कर बेवकूफी की. मेरे टीचर्स और आसपास के लोगों ने कहा कि मुझे ये पैसा अच्छी जगह इंवेस्ट करना चाहिए था. सरकारी नौकरी की तैयारी में लगाओ, साइकिल खरीदों, किताबें खरीदों. लेकिन मुझे मोबाइल चाहिए था क्योंकि सभी के पास था.'
आईएएस बनने के लिए बने यूट्यूबरसमर ने आगे कहा कि बिहार में अक्सर लोग चाहते हैं कि उनका बच्चा सरकारी नौकरी करे. समर ने कहा- 'मुझे भी आईएएस बनना था लेकिन फाइनेंशियल कंडीशन ऐसी नहीं थी. इसीलिए मैंने कंटेटं पर फोकस किया. फिर मेरे दोस्त ने बताया कि यूट्यूब से पैसा भी कमाया जा सकता है. फिर मैंने सोचा कि यूट्यूब से कमाए पैसों को आईएएस की पढ़ाई में लगाया.'
50 लाख तक कमाएसमर स्टोर रूम के एक कॉर्नर कंटेंट बनाया करते थे. एक दिन उनके पिता जो चाहते थे कि बेटा सरकारी नौकरी करें उनकी नजर बेटे पर गई जो फोन चला रहा था. पिता ने गुस्से में समर का फोन तक तोड़ दिया. लेकिन बाद में समर ने उन्हें राजी कर लिया. समर के यूट्यूब से पहली इनकम 1200 रुपए थी. अब तक समर यूट्यूब से 50 लाख रुपए कमाए हैं.