बॉलीवुड-असम के फेमस सिंगर और संगीतकार जुबीन गर्ग का निधन हो गया है. सिंगर की मौत सिंगापुर में एक एक स्कूबा डाइविंग हादसे में हुई है. इस खबर ने इंडस्ट्री में हर किसी को सदमे में ड़ाल दिया है. जुबीन ने बॉलीवुड में फिल्म ‘गैंगस्टर’ के सुपरहिट गाने ‘या अली’ से पहचान बनाई थी. उनकी ये गाना आज भी लोगों का फेवरेट है.
तीन साल की उम्र में शुरू किया गाना
जुबीन गर्ग जन्म मेघालय के तुरा में एक असमिया ब्राह्मण परिवार में हुआ था. सिंगर के माता-पिता ने उनका नाम प्रसिद्ध संगीतकार ज़ुबिन मेहता के नाम पर रखा था. सिंगर के पिता मोहिनी बोरठाकुर, एक मजिस्ट्रेट थे और उनकी मां इली बोरठाकुर, एक गायिका थीं. इसिलए जुबिन को सिंगिंग की पहली शिक्षा अपनी मां से ही मिली थी. जुबीन ने महज तीन साल की उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था. सिंगर ने पंडित रॉबिन बनर्जी से 11 साल तक तबला भी सीखा. फिर गुरु रमणी राय ने उन्हें असमिया लोक संगीत की शिक्षा ली.
इस गाने से मिली देश में पहचान
जुबीन का असली नाम जुबिन बोरठाकुर था. लेकिन 90 के दशक में उन्होंने इसे बदलकर अपना सरनेम गर्ग रख लिया. जुबीन को बॉलीवुड में पहचान साल 2006 में आई फिल्म 'गैंगस्टर' का गाना 'या अली' गाना गाकर मिली. इसके बाद उन्होंने 'सुबह सुबह' और 'क्या राज है' जैसे फिल्मों के गानों को अपनी आवाज दी. जुबीन ने सिर्फ असम या बॉलीवुड ही नहीं बंगाली समेत 40 से ज्यादा भाषाओं और बोलियों में गाना गा चुके हैं. वो कई सालों तक असम के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले सिंगर रह चुके हैं.
जुबीन गर्ग पर्सनल लाइफ
जुबीन गर्ग ने 4 फ़रवरी 2002 को असम के गोलाघाट की एक फ़ैशन डिज़ाइनर गरिमा सैकिया से शादी की. बता दें जुबीन का नाम कई बार विवादों में भी रह चुका है. एक बार एक इवेंट में उन्होंने कहा श्री कृष्ण को लेकर कहा था कि, वो कभी भगवान नहीं थे, बल्कि एक मनुष्य थे. इस बयान के बाद उनपर माजुली जिला सत्र महासभा में बैन लगा दिया गया था.
ये भी पढ़ें -
