एक समय था, जब सैफ अली खान को यह कहकर पुलिस अफसर का रोल करने से मना कर दिया गया था, कि उनके चेहरे पर वह गंभीरता नहीं दिखती. लेकिन आज वही सैफ अपनी नई फिल्म 'कर्तव्य' में दमदार किरदार निभाकर साबित कर रहे हैं कि मेहनत और अनुभव इंसान को समय के साथ बेहतर बना देते हैं. आइए जानते हैं उनके संघर्ष और सीख से जुड़ी यह दिलचस्प कहानी.

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एक्टर सैफ अली खान 'कर्तव्य' को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. गुरुवार को ट्रेलर लॉन्च के मौके पर सैफ ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि कैसे एक समय पर फिल्म डायरेक्टर ने उन्हें पुलिस का किरदार न निभाने की सलाह दी थी, क्योंकि उनके चेहरे पर वह 'गंभीरता' नहीं थी.

पहली बार पहनी थी पुलिस की वर्दी

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सैफ अली खान ने कहा, 'मुझे आज भी याद है कि जब मैंने पहली बार फिल्म 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' के लिए पुलिस वर्दी पुलिस की वर्दी पहनी थीऔर हम फिल्म का क्लाइमेक्स शूट कर रहे थे. उस समय फिल्म में अक्षय कुमार पुलिस अधिकारी की किरदार में था और मैं एक साधारण सा किरदार निभा रहा था. मैं उस समय फिल्म जगत की बारीकियां सीखने की कोशिश कर रहा था.'

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सैफ ने आगे बताया कि उस फिल्म के डायरेक्टर ने उनसे कहा था, 'अपनी जिंदगी में कभी भी पुलिस वाले का रोल गंभीरता से मत करना, क्योंकि तुम यह नहीं कर सकते. तुम्हारे अंदर वो ताकत या दम नहीं है कि तुम पुलिस वाले लग सको. अगर तुम यह रोल करोगे तो यह एक कॉमेडी जैसा लगेगा, इसलिए इसे कभी ट्राई मत करना.'

सैफ ने बताया कैसे सीखा आगे बढ़ना

सैफ अली खान ने कहा कि उस समय मिले सुझाव मेरे लिए एक सबक की तरह थे. एक्टर ने आगे कहा, 'यह कमाल की बात है कि अगर आप लगातार प्रैक्टिस करते रहें, सीखते रहें और आगे बढ़ते रहें, तो समय के साथ आप बेहतर होते जाते हैं. बिना दबाव के काम बोरिंग लगने लगते हैं.अगर बिल्कुल प्रेशर न हो तो काम में मजा नहीं आता. थोड़ा-बहुत तो प्रेशर होने से ही बेस्ट निकलता है. हालांकि, हर दिन एक जैसा नहीं होता है. फिल्मों में अक्सर ऐसा होता है कि एक दिन बहुत मुश्किल होता है, तो अगला दिन थोड़ा बैलेंस और आसान. इसी उतार-चढ़ाव में काम करने का अपना ही मजा होता है.'

जब एक्टर से पूछा गया कि उनके लिए रोमांटिक-कॉमेडी करना आसान है या फिर कर्तव्य जैसे गंभीर किरदार, तो सैफ ने इस सवाल का जवाब बड़ी निडरता से दिया. उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि शहरों में पले-बढ़े होने के कारण उनके लिए 'रोम-कॉम' फिल्में करना कहीं अधिक आसान है.

परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी पर बोले सैफ

एक्टर ने कहा, 'रोम-कॉम' फिल्मों में आप एक तरह से खुद का ही किरदार निभा रहे होते हैं. उनमें ऐसी बातें होती हैं, जो मेरी असल जिंदगी का हिस्सा है, जैसे बच्चों की परवरिश, स्कूल की जिम्मेदारियां और परिवार. निजी जिंदगी में भी मैं हमेशा इस बात का ध्यान रखता हूं कि कहीं मैं अपनी मां को निराश तो नहीं कर रहा हूं.'

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