बॉलीवुड में वरुण धवन को बतौर एक्टर काम करते हुए डेढ़ दशक का वक्त होने वाला है. साल 2012 में उन्होंने बॉलीवुड में लीड एक्टर के रूप में अपनी शुरुआत की थी. हालांकि डेविड धवन जैसे मशहूर और दिग्गज डायरेक्टर के बेटे होने के बावजूद वरुण ने इंडस्ट्री में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी काम किया था. काजोल की एक सुपरहिट फिल्म के लिए उन्होंने दिग्गज फिममेकर करण जौहर को असिस्ट किया था.

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काजोल की किस फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर थे वरुण धवन?

डेविड धवन के घर वरुण धवन का जन्म 24 अप्रैल 1987 को हुआ था. शुरू से ही उन्हें फ़िल्मी दुनिया का शौक था. ऐसे में बड़े होने पर उन्होंने सिनेमा में ही करियर बनाने का फैसला लिया था. पढ़ाई पूरे करने के बाद अभिनेता ने एक्टिंग की बारीकियां सीखने के लिए करण जौहर के साथ काम किया था.

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बता दें कि वरुण धवन ने करण जौहर के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'माई नेम इज खान' के लिए करण को असिस्ट किया था. साल 2010 की इस फिल्म में अहम रोल काजोल ने निभाया था और उनके अपोजिट शाहरुख खान नजर आए थे. IMDb के मुताबिक माई नेम इज खान साल 2010 की सबसे कमाऊ भारतीय फिल्मों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रही थी. 75 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने दुनियाभर में करीब 200 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था.

करण की फिल्म से ही किया डेब्यू 

करण को असिस्ट करने वाले वरुण ने फिर करण के डायरेक्शन में ही बनी फिल्म से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था. उन्होंने अपना एक्टिंग करियर फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से शुरू किया था. साल 2012 में रिलीज हुई ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी. इसके जरिए आलिया भट्ट और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने भी बॉलीवुड में अपने कदम रखे थे.

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वरुण धवन का वर्कफ्रंट

वरुण धवन ने अपने करियर में बदलापुर, मैं तेरा हीरो, हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया, दिलवाले, एबीसीडी 2 और बद्रीनाथ की दुल्हनिया जैसी फिल्में दी हैं. पिछली बार वो फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में नजर आए थे. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर ये मूवी बुरी तरह पिट गई थी.